Thursday, December 4, 2008

युवराज की वापसी


युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ एक दिवसीय सीरीज में शानदार बल्लेबाजी करके टेस्ट टीम में दुबारा वापसी की है जबकि आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले युवा खिलाड़ी मुरली विजय को भी मौका दिया गया है।
मुंबई में आतंकवादी घटना के बाद सात वनडे मैचों की सीरीज को बीच में ही छोड़कर स्वदेश लौटने वाली इंग्लैंड टीम के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए बीसीसीआई ने भारतीय टीम के 15 सदस्यीय दल की घोषणा की है। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और स्पिनर अनिल कुंबले ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था जिसके कारण टीम में एक बल्लेबाज और एक स्पिन गेंदबाज की जगह खाली हो गई थी। युवराज सिंह और अमित मिश्रा को इन दोनों खिलाड़ियों के स्थान पर प्राथमिकता दी जाएगी।
हालांकि भारतीय तेज गेंदबाजी की कमान एक बार फिर ईशांत शर्मा और जहीर खान ही संभालेंगे जबकि स्पिन की अगुवाई हरभजन सिंह के हाथों में होगी।
टीम: महेद्र सिंह धोनी [कप्तान], गौतम गंभीर, युवराज सिंह, एस बद्रीनाथ, वीरेद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, मुरली विजय, जहीर खान, मुनफ पटेल, ईशांत शर्मा, हरभजन सिंह, प्रज्ञान ओझा और अमित मिश्रा।

Thursday, November 20, 2008

टीम इंडिया ने जमाई हैट्रिक

कानपुर। हरभजन सिंह की अंगुलियों के कमाल और वीरेंद्र सहवाग के बल्ले के धमाल के अलावा भारत ने मौसम की परिस्थितियों के अनुकूल प्रदर्शन करके इंग्लैंड को तीसरे एक दिवसीय मैच में बृहस्पतिवार को डकवर्थ लुईस पद्धति से 16 रन से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। इसके साथ ही भारत ने सात मैचों की वनडे सीरीज में इंग्लैंड पर 3-0 की बढ़त बना ली है।
भारत की यह जीत भले ही राजकोट और इंदौर में खेले गए पहले दो मैचों की तरह बेहतरीन नहीं रही। इसकी एक वजह खराब रोशनी भी रही जिसके कारण मैच देर से शुरू हुआ और इसे 49 ओवर का कर दिया गया। इसी वजह से ही मैच पूरा नहीं हो पाया और डकवर्थ लुईस पद्धति का सहारा लेना पड़ा लेकिन यदि मैच के पहले घंटे को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर समय भारत ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाए रखी।
इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत की थी। जिस समय रवि बोपारा [60] और इयान बेल [46] की सलामी जोड़ी खेल रही थी तब इंग्लैंड बड़े स्कोर की तरफ बढ़ता हुआ दिख रहा था लेकिन भारतीय गेंदबाजों विशेषकर हरभजन ने उनकी पूरी पारी 48.4 ओवर में 240 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। मैन ऑफ द मैच हरभजन ने दस ओवर में 31 रन देकर तीन विकेट लिए। जब बल्लेबाजी की बारी आई तो दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद सहवाग [68] की मौजूदगी से भारत संकट में नहीं पड़ा। बाद में पिछले दो मैच के नायक युवराज सिंह [38] और महेंद्र सिंह धोनी [नाबाद 29] ने भारत का पलड़ा भारी रखा। जब खेल रोका गया तब भारत ने 40 ओवर में पांच विकेट पर 198 रन बनाए थे जो डकवर्थ लुईस से जीत के लिए पर्याप्त थे।
इंग्लैंड के कप्तान केविन पीटरसन अंपायरों के फैसले से खुश नहीं थे लेकिन रोशनी इतनी मद्विम पड़ गई थी कि उसमें खेल आगे जारी रखना संभव नहीं था। वैसे इंग्लैंड अपनी इस हार के लिए स्वयं दोषी था क्योंकि वह अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रहा था। इंग्लैंड ने बेल के साथ बोपारा को पारी का आगाज करने के लिए भेजा। इन दोनों ने 79 रन जोड़े लेकिन यह साझेदारी टूटने के बाद इंग्लैंड की पारी चरमरा गई। इन दोनों के अलावा उसकी तरफ से ओवैश शाह [40] तथा एंड्रयू फ्लिंटॉफ और समित पटेल [दोनों 26] कुछ अच्छा योगदान दे पाए।
भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य बड़ा न होने के कारण किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई लेकिन डकवर्थ लुईस के लिए अनिवार्य 20 ओवर तक पहुंचने के बाद उसने उस लिहाज से अपनी रनगति बनाए रखी। इंग्लैंड को सभी विकेट गंवाने का खामियाजा भी भुगतना पड़ा। भारतीय पारी में सहवाग ने एंकर की भूमिका निभाई। उन्होंने बहुत तूफानी तेवर तो नहीं दिखाए लेकिन आठ चौके और एक छक्का जमाकर ग्रीन पार्क स्टेडियम में पहुंचे दर्शकों का अच्छा मनोरंजन किया। गौतम गंभीर [14] इस बार उनका अच्छा साथ नहीं दे पाए और जब टीम का स्कोर 31 रन था तब उन्होंने फ्लिंटॉफ की ऑफ साइड पर फेंकी गई शार्ट लेंथ गेंद पर थर्ड मैन में स्टुअर्ट ब्राड को सीधा कैच थमा दिया।
रोहित ने ग्रीम स्वान की गेंद कट करने के प्रयास में विकेटकीपर को कैच थमाया लेकिन सहवाग को आउट करने का पूरा श्रेय पाल कोलिंगवुड को जाता है जिन्होंने प्वाइंट पर बेहतरीन कैच लेकर दर्शकों को सन्न कर दिया। युवराज क्षेत्ररक्षण के दौरान बाहर चले गए थे और इस वजह से उन्हें पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आना पड़ा। उनके पास लगातार तीसरा शतक जमाने का मौका तो नहीं था लेकिन उन्होंने 21 गेंद पर खेली गई 38 रन की अपनी पारी में कई दर्शनीय शाट लगाकर दर्शकों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी। फ्लिंटाफ ने युवराज को आउट करके अपना तीसरा विकेट लिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पुल करने के प्रयास में डीप स्क्वायर लेग पर खड़े ब्रॉड को कैच थमाया। उनकी पारी में दो चौके और स्वान पर लगाया गया छक्का शामिल है। धोनी ने हालांकि एक छोर संभाले रखकर भारत की जीत सुनिश्चित की। जब खेल समाप्त हुआ तक उनके साथ दूसरे छोर पर यूसुफ पठान [16] खड़े थे।
हरभजन सिंह की अगुवाई में गेंदबाजों ने अपना जलवा बिखेरते हुए इंग्लैंड को बड़ा स्कोर खड़ा नहीं करने दिया। एक समय अच्छी स्थिति में होने के बावजूद इंग्लैंड की पूरी टीम 48.4 ओवर में 240 रन पर आउट हो गई। इंग्लैंड के लिए रवि बोपारा ने सर्वाधिक 60 रन की पारी खेली। भारत की ओर से हरभजन सिंह ने 31 रन देकर सर्वाधिक तीन विकेट लिए।
इंग्लैंड के कप्तान केविन पीटरसन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उनके इस फैसले को सही ठहराते हुए सलामी बल्लेबाज रवि बोपारा और इयान बेल ने टीम को बढि़या शुरुआत दिलाई। इन दोनों ने मिलकर भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन बटोरे। इस दौरान बेल ने काफी तेजी दिखाई। इसका फायदा उठाते हुए तेज गेंदबाज मुनफ पटेल ने बेल को पवेलियन की राह दिखाई। बेल ने धोनी को कैच देने से पहले 47 गेंदों पर 46 रन की पारी खेली जिसमें आठ चौके शामिल हैं। इस जोड़ी ने 14.3 ओवर में 79 रन जोड़े।
इसके बाद क्रीज पर आए पीटरसन ने एक छक्का जमाकर आक्रामक तेवर दिखाए। हालांकि वह सिर्फ 13 रन ही बना सके। उनका विकेट हरभजन सिंह ने लिया। भज्जी को अगले विकेट के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। नए बल्लेबाज कोलिंगवुड को उन्होंने धोनी के हाथों स्टंप कराया। वह सिर्फ एक रन बना सके। पिछले दो वनडे में भारत के हीरो रहे युवराज सिंह ने शानदार बल्लेबाजी कर रहे रवि बोपारा को आउट करके भारतीय टीम को झूमने का मौका दिया। युवी की गेंद पर बोपारा धोनी के हाथों स्टंप हो गए। उन्होंने 82 गेंद पर आठ चौकों की मदद से 60 रन की बेहतरीन पारी खेली। इंग्लैंड के चार विकेट 133 रन पर गिर गए।

Saturday, October 18, 2008

करीना को इंतजार दिवाली का


कलाकारों को अपनी फिल्म के प्रचार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते देखना काफी अच्छा लगता है। शायद करीना कपूर भी आमिर खान की राह पर चल पड़ी हैं। वे पूरी कोशिश कर रही हैं कि फिल्म इस दीवाली पर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दे। फिल्‍म उद्योग के सूत्रों के अनुसार वेनिस में अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘कम्बख्त इश्क’ की शूटिंग के वक्त भी करीना के प्रचार से संबंधित सभी जानकारी के लिए हर समय फिल्म के निर्माता के संपर्क में थी। गौरतलब है कि करीना शुरू से ही निर्माताओं को ‘जब वी मेट’ के संगीत निर्देशक प्रीतम को इस फिल्म में लेने के बारे में कहती आई थी। उन्होंने गाने सुनने और उनकी रिकॉर्डिंग के वक्त अपनी राय भी दी। इसी का नतीजा निकला है फिल्‍म का गीत ‘तू साला काम से गया नम्बर’ लोकप्रिय हो चुका है। वेनिस से अपनी शूटिंग खत्म करने के बाद लौटी करीना ने अपना पूरा समय के प्रचार को दे दिया है। उम्मीद है कि उनकी यह प्रतिबद्धता और उनका जुनून 29 अक्टूबर को इस हास्य फिल्म को सिनेमाघरों में हिट कर देगा।

सौरव का शतक, कंगारू बैकफुट पर


मौजूदा टेस्ट सीरीज के बाद संन्यास लेने वाले सौरव गांगुली के कैरियर के 16वें शतक और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी पारी के बाद धारदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने आस्ट्रेलिया को दूसरे क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन बैकफुट पर धकेल दिया है।
दिन का खेल खत्म होने पर आस्ट्रेलिया 102 रन पर चार विकेट गंवाकर संकट में था। मेहमान टीम की उम्मीदें अब आज के नाबाद बल्लेबाज माइक हसी पर टिकी हैं जो 37 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं। आस्ट्रेलिया को भारत के मजबूत स्कोर के खिलाफ अच्छी शुरुआत की जरूरत थी लेकिन पारी के आठवें ओवर तक सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन [0] और कप्तान रिकी पोंटिंग [5] पवेलियन लौट चुके थे। इस समय टीम का स्कोर 17 रन था। जहीर खान ने अपनी तीसरी गेंद पर ही हेडन का ऑफ स्टंप उखाड़ दिया और इसके बाद ईशांत शर्मा ने पोंटिंग को पवेलियन भेजा। आस्ट्रेलियाई टीम इस दोहरे झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि अमित मिश्रा ने साइमन काटिच [33] को टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला शिकार बनाते हुए रिकी पोंटिंग की टीम को तीसरा झटका दिया। इस स्पिनर ने इसके बाद दिन की आखिरी गेंद पर माइकल क्लार्क [23] को पगबाधा आउट किया। आस्ट्रेलियाई टीम की मुश्किलें और बढ़ सकती थी लेकिन धोनी दो बार हसी के बल्ले का किनारा लेकर आई गेंद को लपकने में नाकाम रहे।
इससे पहले गांगुली [102] के 111वें टेस्ट में 16वें शतक और धोनी [92] के अर्धशतक की मदद से भारत ने पहली पारी में 469 रन का स्कोर खड़ा किया। भारत ने शनिवार सुबह पांच विकेट पर 311 रन से आगे खेलना शुरू किया तो आस्ट्रेलिया ने जल्द की नाइट वाचमैन ईशांत शर्मा [9] को चलता कर दिया। उन्हें तेज गेंदबाज पीटर सिडल ने आउट किया। गांगुली और धोनी ने इसके बाद भारतीय पारी को संवारा। धोनी ने आक्रामक रवैया अपनाते हुए रन गति को बढ़ाया जबकि गांगुली ने एक-एक दो-दो रन लेकर स्कोर को गतिमान रखा।
गांगुली ने धीरे-धीरे शतक की ओर कदम बढ़ाने के बाद स्पिनर कैमरून व्हाइट पर चौका जड़कर यह उपलब्धि हासिल की। इस शतक के साथ ही बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने साबित कर दिया कि उनमें अब भी रनों की भूख बाकी है। साढ़े पांच घंटे की मैराथन पारी के बाद पूर्व भारतीय कप्तान हालांकि व्हाइट की गेंद को सीमा रेखा से बाहर पहुंचाने के प्रयास में लांग ऑफ पर ब्रेट ली को कैच थमा बैठे। गांगुली ने व्हाइट की गेंद को आगे बढ़कर मारने का प्रयास किया लेकिन शॉट हवा में खेल बैठे और ली ने आसान कैच लपका। गांगुली ने अपनी पारी में 225 गेंद का सामना करते हुए आठ चौके जड़े। उन्होंने धोनी के साथ छठे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी की।
दूसरी तरफ धोनी ने आक्रामक रवैया कायम रखते हुए विकेट के चारों तरफ शॉट जमाए और आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को खूब परेशान किया। नियमित कप्तान अनिल कुंबले के चोटिल होने के कारण इस मैच में भारत की कमान संभाले रहे धोनी ने क्रीज पर उतरते ही ली की पहली गेंद को चार रन के लिए बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। पीटर सिडल ने धोनी को शांत करने के लिए बाउंसर को हथियार बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय विकेटकीपर ने इसे फाइन लेग के ऊपर से दर्शकों के बीच पहुंचाकर मैच का पहला छक्का जड़ा।
लंच के बाद धोनी ने व्हाइट पर छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया। धोनी ने सिडल और व्हाइट पर इसके बाद एक-एक छक्का और मारा लेकिन इस बीच भारत ने हरभजन सिंह [1] और जहीर खान के विकेट गंवा दिये। हरभजन को व्हाइट ने बोल्ड किया जबकि जहीर रन आउट हुए। सिडल ने धोनी को पगबाधा आउट करके भारतीय पारी का अंत किया। धोनी ने अपनी आक्रामक पारी में 124 गेंद का सामना करते हुए आठ चौके और चार छक्के जड़े और पीसीए स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। मेहमान टीम के लिए मिशेल जानसन और सिडल ने तीन-तीन विकेट चटकाए जबकि व्हाइट के खाते में दो विकेट आए।

Friday, October 17, 2008

सचिन-सौरव की धुन मोहाली में


भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में खेले जा रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खत्म हो गया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली मेजबान टीम ने गौतम गंभीर (67), सचिन तेंदुलकर (88) और सौरव गांगुली (नाबाद 54 रनों) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत पांच विकेट के नुकसान पर 311 रन बना लिये हैं।खेल खत्म होने के समय गांगुली 54 और रात्रिप्रहरी (नाइटवॉचमैन) के तौर पर बल्लेबाजी के लिए भेजे गए ईशांत शर्मा दो रनों पर नाबाद थे।ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिशेल जॉनसन ने सर्वाधिक तीन, ब्रैट ली और अपना पहला मैच खेल रहे तेज गेंदबाज पीटर सिडल ने एक-एक विकेट सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के साथ मोहाली में खेले जा रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के पहले दिन अर्शशतक ठोंकते हुए सौरव गांगुली के साथ मिलकर भारत के कुल स्कोर ढाई सौ रनों के पार पहुंचा दिया है। गांगुली भी अर्धशतक के करीब पहुंच गए हैं।इस समय सचिन 88 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 61 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं, वहीं गांगुली 91 गेंदों में चार चौकों की मदद से 47 रन बनाकर सचिन का साथ निभा रहे हैं। भारत ने अबतक चार विकेट के नुकसान पर 269 रन बना लिये हैं। सचिन के लिए यह मैच बहुत खास है, पहले उन्होंने ब्रायन लारा के सर्वाधिक टेस्ट रनों का रिकॉर्ड तोड़ा, फिर अपना अर्धशतक पूरा किया इसके बाद अपनी पारी का 61 वां रन लेते हुए टेस्ट क्रिकेट में 12 हजार रन बनाने का आंकड़ा छू लिया।दूसरी ओर सौरव गांगुली ने भी अपने टेस्ट जीवन के 7,000 रन पूरे किए। सचिन टेस्ट के सरताज बने-
सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में वेस्ट इंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा के सर्वाधिक 11,953 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया है। उन्हें इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए आज 15 रनों की जरूरत थी चायकाल के बाद जैसे ही खेल शुरु हुआ उन्होंने अपनी पारी का 15वां और भारतीय पारी का 176वां रन लेते हुए रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
सचिन ने यह उपलब्धि 152वें टेस्ट मैच में हासिल की है। इस दौरान उन्होंने 247 पारियां खेलते 54.23 के बेहतरीन औसत की मदद से 39 शतक और 49 अर्धशतक लगाए।अभी तक भारत ने चार विकेट के नुकसान पर 193 रन बना लिये हैं, सचिन 27 गेंदों में 19 और सौरव गांगुली 33 गेंदों में 15 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। इससे पहले भारत का चौथा विकेट वीवीएस लक्ष्मण के रूप में गिरा, वह 12 रन के निजी स्कोर पर जॉनसन का मैच का तीसरा शिकार बने। भारत को लगा दोहरा झटका-
राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर के लगातार दो गेंदों पर आउट होने से भारत को जोरदार झटका लगा है। मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पहले क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन के दूसरे सत्र में भारत ने अब तक तीन विकेट के नुकसान पर 148 रन बना लिये हैं।
विश्व रिकॉर्ड बनाने की दहलीज पर खड़े सचिन तेंदुलकर बिना खाता खोले वीवीएस लक्ष्मण के साथ क्रीज पर मौजूद हैं। वेस्ट इंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा के सर्वाधिक 11, 953 टेस्ट रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए सचिन को सिर्फ 15 रनों की जरूरत है। इससे पहले भोजनकाल तक एक विकेट खोकर 104 रन बनाने वाली भारतीय टीम की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही थी। लेकिन द्रविड़ 39 रनों के निजी स्कोर पर ब्रेट ली की गेंद पर बोल्ड हो गए, मेजबान टीम इस झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि इसके तुरंत बाद गंभीर भी मिशेल जॉनसन की गेंद पर विकेट के पीछे आउट हो गए। उन्होंने 140 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौकों की मदद से 67 रनों की पारी खेली।

Monday, October 13, 2008

पहला टेस्ट ड्रॉ

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जा रहा पहला क्रिकेट टेस्ट मैच हार-जीत के फैसले के बगैर खत्म हो गया है। आज पांचवें और आखिरी दिन भारत को जीत के लिए 299 रनों की जरूरत थी लेकिन वह चार विकेट के नुकसान पर सिर्फ 177 रन ही बना सका। चायकाल के बाद खराब रोशनी के कारण मैच को दो बार रोकना पड़ा। आखिरकार दोनों कप्तानों ने मैच ड्रा करने पर अंपायरों को अपनी सहमति दे दी। मैच समाप्ति के समय वीवीएस लक्ष्मण 42 और सौरव गांगुली 26 रन बनाकर क्रीज पर थे। गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने वाले जहीर खान को ‘मैन ऑफ द मैच’ का पुरस्कार दिया गया। भारत की ओर से इस मैच की पहली पारी में जहीर ने सर्वाधिक 57 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में एक विकेट लिया था।। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्रैट ली, स्टुअर्ट क्लार्क, मिशेल जॉनसन और कैमरुन व्हाइट ने एक-एक विकेट लिया। वहीं भारत की दूसरी पारी में सचिन तेंदुलकर 49 रन बनाकर सर्वोच्च स्कोरर रहे। चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला का अगला मैच 17 अक्टूबर से मोहाली में खेला जाएगा। सचिन रिकॉर्ड बनाने से चूके- सचिन तेंदुलकर (49) के आउट होने से बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के आखिरी दिन के आखिरी सत्र में भारत की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने सचिन के रूप में अपना अहम विकेट चायकाल के तुरंत बाद गंवा दिया। अब भारत का स्कोर चार विकेट के नुकसान पर 144 रन बना हो गए हैं और उसे मैच जीतने के लिए अभी 155 रनों की और जरूरत हैं और उसके छह विकेट शेष हैं। वीवीएस लक्ष्मण 34 और सौरव गांगुली छह रन बनाकर क्रीज पर हैं। दिन का खेल खत्म होने में अभी 28 ओवर बाकी हैं।सचिन न केवल अपने 49वें अर्धशतक से सिर्फ एक रन से चूके बल्कि टेस्ट क्रिकेट में ब्रायन लारा के सर्वाधिक 11,953 टेस्ट रनों का रिकॉर्ड तोड़ने से भी 16 रन से दूर रह गए। अपनी इस पारी में 126 गेंदों का सामना करते हुए चार चौकों की मदद से 49 रन बनाये। स्पिनर कमरुन व्हाइट में उन्हें माइकल क्लार्क के हाथों कवर पर कैच करवाया। सचिन और लक्ष्मण के बीच चौथे विकेट के लिए 61 रनों की अहम साझेदारी हुई।वीरेंद्र सेहवाग और राहुल द्रविड़ के जल्दी-जल्दी आउट होने के बाद मुश्किल में फंसी भारतीय पारी लड़खड़ाती नजर आ रही है।

Sunday, October 12, 2008

आस्ट्रेलिया मजबूत

भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद आस्ट्रेलिया पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन 263 रन की बढ़त लेने में सफल हो गया है। दिन का खेल समाप्त होने तक आस्ट्रेलिया ने पांच विकेट खोकर 193 रन बना लिए थे। शेन वाटसन 32 और ब्रैड हैडिन 28 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
बल्लेबाजी के जौहर से आस्ट्रेलिया की नाक में दम करने वाले जहीर खान ने भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। पहली पारी में शून्य पर आउट होने वाले मैथ्यू हेडन को उन्होंने पगबाधा आउट कर दिया। हेडन सिर्फ 13 रन बना सके। क्रीज पर आए शतकवीर रिकी पोंटिंग ने सकारात्मक अंदाज में अपनी पारी की शुरुआत की लेकिन वह जल्द ही पवेलियन लौट गए। उनको ईशांत शर्मा ने अपने जाल में फंसाकर वीवीएस लक्ष्मण के हाथों कैच कराया। वह सिर्फ 17 रनों का योगदान दे सके।
साइमन काटिच और माइक हसी ने तीसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी करके भारतीयों को सफलता से दूर रखा। इस साझेदारी को हरभजन सिंह ने तोड़ा। उन्होंने काटिच को वीवीएस लक्ष्मण के हाथों कैच कराया। काटिच ने 34 रन की पारी खेली। क्रीज पर आए नए बल्लेबाज माइकल क्लार्क अभी आंखें भी नहीं जमा पाए थे कि ईशांत शर्मा ने उन्हें पवेलियन की राह दिखा दी। क्लार्क ने वीरेंद्र सहवाग के हाथों लपके जाने से पहले सिर्फ 6 रन बनाए। पहली पारी में शतक जमाने वाले माइक हसी भी 31 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हसी को हरभजन ने खूबसूरत तरीके से बोल्ड किया। ईशांत शर्मा और हरभजन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि जहीर ने एक बल्लेबाज को पवेलियन की राह दिखाई।
इससे पहले पुछल्लों बल्लेबाजों के साहसिक प्रयास की बदौलत भारत ने आस्ट्रेलिया को बड़ी बढ़त हासिल नहीं करने दी। आस्ट्रेलिया के 430 रन के जवाब में भारत की पूरी टीम ने 360 रन बनाए। इस तरह आस्ट्रेलिया ने पहली पारी के आधार पर 70 रन की बढ़त हासिल की। भारत की ओर से जहीर खान ने नाबाद रहते हुए सर्वाधिक 57 रन बनाए।
एक समय विशाल बढ़त हासिल करने की ओर बढ़ते दिख रहे आस्ट्रेलिया के मंसूबों पर भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों ने पलीता लगा दिया। तीसरे दिन हरभजन ने कंगारूओं को परेशान किया तो चौथा दिन जहीर खान के नाम रहा। जहीर खान ने तीसरे दिन के नाबाद स्कोर 35 रन से आगे खेलते हुए बेहतरीन अर्धशतक जमाया। उन्होंने 106 गेंदों पर सात चौकों की मदद से पचासा ठोंका। उनके इस प्रयास से ही भारत 350 से आगे बढ़ने में सफल रहा।
जहीर ने पहले अनिल कुंबले के साथ 31 और फिर आखिरी विकेट के लिए ईशांत शर्मा के 17 रन की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां की। भारत को चौथे दिन का पहला झटका कुंबले [5] के रूप में लगा। उनको शेन वाटसन ने पगबाधा आउट किया। भारत का आखिरी विकेट ईशांत [6] के रूप में गिरा। उनको क्लार्क ने बोल्ड किया। इससे पहले भारतीय पारी में हरभजन 54, राहुल द्रविड़ 51, सौरव गांगुली 47 और वीरेंद्र सहवाग ने 45 रन का योगदान दिया था।

Friday, October 10, 2008

भारत की अच्छी शुरुआत

बेंगलुरु। अपने समग्र खेल के लिए “मिस्टर क्रिकेट” कहे जाने वाले माइक हसी के बेहतरीन शतक (146 रन) की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने पहले क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन आज यहां पहली पारी में अच्छा स्कोर खड़ा कर लिया, लेकिन भारतीय सलामी जोडी ने भी मेहमानों को मुंहतोड जवाब देने की आधारशिला तैयार कर दी है।
भारत ने बारिश की वजह से नौ ओवर पहले ही दिन का खेल रोके जाने तक, बिना किसी नुकसान के 68 रन बना लिये थे। उस समय आक्रामक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग 55 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 43 रन, और गौतम गंभीर 20 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी चायकाल के विश्राम के बाद 430 रन पर समाप्त हो गयी। इसमें भारतीय तेज गेंदबाजों जहीर खान और इशांत शर्मा की जोड़ी का अहम योगदान रहा जिन्होंने क्रमशः पांच और चार विकेट लिये।ऑस्ट्रेलिया की तरफ से बाएं हाथ के आकर्षक बल्लेबाज हसी ने सबसे अहम पारी खेली। कल 46 रन बनाकर खेल रहे हसी ने आज पहले ब्रैड हैडिन और फिर ब्रेट ली के साथ दो महत्वपूर्ण साझेदारियां करते हुये ऑस्ट्रेलिया को 400 के पार पहुंचा दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जमीन पर अपना पहला और कुल नौंवा शतक भी बनाया।चायकाल के समय ऑस्ट्रेलियाई पारी 450 के स्कोर की तरफ बढती हुई दिख रही थी लेकिन जहीर ने एक घातक स्पेल में उसके अंतिम तीन विकेट महज नौ रन के अंतराल पर लेकर कंगारूओं को 430 रन पर ही रोक दिया।जहीर ने 5.5 ओवरों के इस स्पेल में 15 रन पर तीन विकेट झटकते हुये मेहमानों की पारी समेट दी। उन्होंने इस स्पेल में ली (27 रन) मिशेल जानसन (01) और हसी (146) को पैवेलियन का रास्ता दिखाया। वैसे उन्होंने पारी में 9।1रन देकर कुल पांच विकेट हासिल किये।लेकिन आज के खेल में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी 20 साल के लंबे कद के गेंदबाज इशांत ने की। उन्होंने सुबह के तीसरे ओवर में ही शेन वाटसन (02 रन) को एक खूबसूरत गेंद पर बोल्ड करके भारत को पांचवी सफलता दिलायी।मगर इसके बाद हसी और विकेटकीपर बल्लेबाज हैडिन.33. ने छठे विकेट के लिए 91 रन जोडकर ऑस्ट्रेलिया को 350 तक पहुंचा दिया। लेकिन लंच के थोडी देर बाद हैडिन इशांत की एक स्लोअर गेंद पर गच्चा खा गये और मिड आन पर खडे वीवीएस लक्ष्मण ने सिर के ऊपर उनका शानदार कैच लपक लिया।इसके थोडी ही देर बाद इशांत ने अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे कैमरून व्हाइट (06) को भी कैच आउट कराते हुये अपनी चौथी कामयाबी हासिल कर ली।इशांत को चिन्नास्वामी स्टेडियम कुछ अधिक ही रास आता है और उन्होंने 30 ओवरों में 77 रन पर चार महत्वपूर्ण विकेट लेकर इसे बात को एक बार फिर साबित कर दिया। उन्होंने पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ भी यहां पर 118 रन देकर पांच विकेट झटके थे।भारत को इस मैच में अपने स्पिनरों से काफी उम्मीदें हैं लेकिन पहली पारी में तो उनका जादू नहीं चल पाया। कप्तान अनिल कुंबले 43 ओवरों में 129 रन खर्च करने के बावजूद एक भी कामयाबी नहीं हासिल कर सके जबकि आफ स्पिनर हरभजन सिंह को एक विकेट के लिए 103 रन लुटाने पडे।बहरहाल भारतीय ओपनरों ने ऑस्ट्रेलिया के तूफानी गेंदबाज ब्रेट ली और लगातार सटीक गेंदबाजी करने में माहिर स्टुअर्ट क्लार्क का बखूबी सामना करते हुये टीम इंडिया को शानदार शुरूआत दिला दी। तीसरे सीमर मिशेल जानसन का तो इन दोनों ओपनरों ने दिल खोलकर स्वागत किया।खास तौर पर सहवाग अपने चिर- परिचित अंदाज में कुछ अधिक ही निर्मम दिखे। उन्होंने मैदान के चारों ओर सात चौके जमाकर कंगारूओं को यह एहसास करा दिया कि उनके लिए आने वाला कल काफी मुश्किल हो सकता है।

Thursday, October 9, 2008

रिकी पोंटिंग का सूखा समाप्त

भारतीय धरती पर रन के सूखे को समाप्त करते हुए रिकी पोंटिंग ने मेजबान टीम के गेंदबाजी तिलिस्म को तोड़कर बार्डर-गावस्कर ट्राफी के पहले टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया को बेहतरीन स्थिति में पहुंचा दिया है। दिन का खेल समाप्त होने तक आस्ट्रेलिया ने पहली पारी में चार विकेट खोकर 254 रन बना लिए थे। माइक हसी 46 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
आस्ट्रेलिया की टीम ने बेंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि मैच की तीसरी गेंद पर ही जहीर खान ने मैथ्यू हेडन को विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों कैच कराकर कंगारूओं के अच्छी शुरुआत पाने के अरमानों पर पानी फेर दिया। वह खाता खोलने में नाकाम रहे। अब तक भारत की धरती पर कुछ खास नहीं कर सके कप्तान रिकी पोंटिंग और साइमन काटिच ने मोर्चा संभालते हुए भारतीय गेंदबाजों को विकेट के जश्न से दूर रखा।
सबसे पहले पोंटिंग ने अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 114 गेंद खेलकर सात चौकों की मदद से पचासा ठोंका। उसके बाद काटिच ने भी 122 गेंद पर अपना अर्धशतक पूरा किया। इन दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं देते हुए दूसरे विकेट के लिए 166 रन जोड़े। इस जोड़ी को ईशांत शर्मा ने तोड़ा। ईशांत की बाहर की ओर आती गेंद पर काटिच बल्ला अड़ा बैठे जिसे धोनी ने अपने दस्ताने में लेने में कोई गलती नहीं की। काटिच ने 149 गेंद पर सात चौकों के बलबूते 66 रन की पारी खेली।
दूसरे छोर से पोंटिंग ने लगातार रन बनाने जारी रखे। उन्होंने भारतीय धरती पर पहला टेस्ट शतक जमाया। हालांकि इस बार भी पोंटिंग को पुराने प्रतिद्वंद्वी हरभजन सिंह ने पगबाधा आउट किया। पोंटिंग ने 243 गेंद पर 13 चौकों की मदद से 123 रन बनाए।
भारत इस मैच में दो तेज व दो स्पिन गेंदबाजों के साथ उतरा है जबकि आस्ट्रेलिया ने तीन तेज गेंदबाज को ही प्राथमिकता दी है। वहीं माइकल क्लार्क, कैमरून व्हाइट और शेन वॉटसन आलराउंडर की भूमिका निभाएंगे।

कब तक बनता बलि का बकरा

दिलीप वेंगसरकर की अध्यक्षता वाली पूर्व चयन समिति को आड़े हाथों लेते हुए सौरव गांगुली ने कहा है कि उन्हें हर बार बलि का बकरा बनाया गया जबकि दूसरों को बख्शा जाता रहा और उन्होंने इसके बाद शर्मिदगी से बचने के लिए संन्यास का फैसला लिया।
इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का फैसला लेने वाले गांगुली ने कहा, इस तरह खेलने का कोई फायदा नहीं है। मैं चयनकर्ताओं की दया पर खेलने के लिए तैयार नहीं हूं। वे आज आपको चुनेंगे और कल बाहर कर देंगे। मैं हर बार बलि का बकरा क्यों बनूं। यह स्वीकार कर पाना मुश्किल है। उन्होंने एक बांग्ला दैनिक को दिए साक्षात्कार में कहा, यदि आपके सिर पर तलवार लटक रही हो तो आप कितना बर्दाश्त कर सकते हैं। वह भी 450 मैच खेलने के बाद। मैंने सिर्फ एक सीरीज में खराब खेला लेकिन दूसरों को बाहर नहीं किया गया। मैंने वापसी के बाद सबसे ज्यादा रन बनाए हैं।
चयनकर्ताओं के व्यवहार से निराश गांगुली ने कहा, मैं और कितना खेलता। शायद 2009 तक। शायद सात और टेस्ट। इसके लिए मैं और अपमान झेलने को तैयार नहीं था। पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, वेंगसरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा उन्हें ईरानी कप के लिए शेष भारत की टीम से बाहर किया जाना ताबूत में आखिरी कील थी और उन्हें लगा कि अब बेइज्जती की इन्तहां हो गई। उन्होंने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं ईरानी टीम से बाहर हो जाऊंगा। मैं गुस्से के कारण एक महीने तक सो नहीं सका। यदि नई चयन समिति तीन साल पहले आई होती तो हालात दीगर होते।
सुनील गावस्कर के इस बयान पर कि वह और वीवीएस लक्ष्मण हमेशा दबाव में रहे हैं गांगुली ने कहा, भारतीय क्रिकेट में सब कुछ होता है। जब ग्रेग चैपल ने मुझे बाहर किया तो मेरी जगह टी पी सिंह को चुना। वह अब कहां है। कुछ खिलाडि़यों ने पिछली तीन सीरीजों में रन नहीं बनाए हैं कुछ ने पिछले एक साल से रन नहीं बनाए हैं। कुछ खिलाड़ी इतनी बार अपनी हेयर स्टाइल बदल चुके हैं जितने उन्होंने रन नहीं बनाए हैं। मुझे वापसी के बाद सर्वाधिक रन बनाने के बावजूद बाहर किया गया।
ईरानी ट्राफी से बाहर होने से गांगुली इस कदर आहत हैं कि उन्हें यह चैपल से मतभेद के बाद टीम से निकाले जाने से भी अधिक दर्दनाक लगा। उन्होंने कहा, ईरानी टीम से बाहर होना अधिक दुखदायी था। मुझे लगा कि यह अंत है। अपने 16 बरस के अंतरराष्ट्रीय करियर में तमाम उतार-चढ़ावों का सामना करने के बावजूद गांगुली संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, मैंने 109 टेस्ट और 300 से अधिक वनडे खेले। मैं देश में सर्वाधिक रन बनाने वाला चौथा बल्लेबाज हूं। टेस्ट और वनडे मिलाकर मेरे नाम 18,251 रन हैं जो दुनिया में नौवें स्थान पर है। मैं टीम को विश्व कप फाइनल तक ले गया आस्ट्रेलिया को उसकी धरती पर हराया, पाकिस्तान में सीरीज जीती। कुल 21 टेस्ट जीते। लेकिन हर इच्छा तो पूरी नहीं हो सकती।
बंगाल के इस कद्दावर खिलाड़ी ने कहा, मैंने काफी सोच समझकर संन्यास का फैसला लिया है। मैंने इस पर काफी विचार किया। सब कुछ सोचने के बाद ही मैंने यह फैसला लिया। मुझे लगा कि यह संन्यास लेने का सही समय है। मैं आस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले ही यह मसला खत्म करना चाहता था। मुझे लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही थी। चयनकर्ताओं ने कुछ कहा लेकिन किया कुछ और। यह पूछने पर कि भारत के लिए दोबारा नहीं खेल पाने से क्या वह दुखी हैं उन्होंने कहा, मैं भी इंसान हूं। क्रिकेट मेरे लिए जुनून है। किसी को भी बुरा लगेगा। वैसे यह इतना मुश्किल नहीं है जितना मैंने सोचा था। मुझे लग रहा है कि भारी बोझ हट गया है। अब मैं टीम को जीतते देखकर अपने करियर का अंत करना चाहता हूं।

Wednesday, October 8, 2008

'प्रिंस आफ कोलकाता' तुम्हे सलाम


भारतीय क्रिकेट को नई बुलंदियों तक पहुंचाने में महती भूमिका निभाने वाले सफलतम कप्तानों में से एक सौरव गांगुली ने आखिरकार अपने महाराज का ताज उतारने का फैसला कर ही लिया। हालांकि इसकी इसकी वजह भी कुछ हद तक जायज है।
इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज एवं प्रसिद्ध क्रिकेट कमेंटटर ज्याफ बायकाट ने ऐसे ही उन्हें 'प्रिंस आफ कोलकाता' और 'बेस्ट टाइमर आफ द बाल' की उपाधि नहीं दी थी। वह सही मायने में इसके हकदार हैं। बंगाल टाइगर, दादा और कमबैक मैन जैसे कई नामों से मशहूर गांगुली को टीम से कई बार बाहर निकाला गया। उनसे कप्तानी भी छीनी गई, लेकिन हर बार उन्होंने जोरदार वापसी कर आलोचकों और भारतीय चयनकर्ताओं को करारा जवाब दिया। अपने नेतृत्व में उन्होंने कई अहम क्रिकेट सीरिज में भारत को जीत दिलाई। रायल बंगाल टाइगर रीयल फाइटर की उपाधि से भी विभूषित रहें हैं।
ंिंवश्व क्रिकेट में शायद ही कोई ऐसा महान खिलाड़ी होगा जिसने एक नहीं तीन बार अपने प्रदर्शन के बल पर राष्ट्रीय में जगह बनाने में सफलता हासिल की हो।
चाहे जितना भी कुशल तैराक क्यों न हो लंबे समय तक धारा के विपरीत नहीं तैर सकता है। एक समय ऐसा आता जब उसका हौसला और उसकी हिम्मत जवाब देने लगती है। ठीक ऐसा ही महाराज के साथ भी हुआ है।
पिछले तीन वर्षो से वह लगातार राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की विरोधी भावनाओं से संघर्ष कर रहे थे। अंतत: उन्होंने स्वयं का सम्मान बचाने के लिए क्रिकेट को अलविदा कह डाला। यह देखना रुचिकर होगा कि भारतीय क्रिकेट के इस महाराज का 'राज' अब कौन संभालेगा, क्योंकि कहने और करने में बहुत फर्क होता है? आगामी आस्ट्रेलिया सीरीज के बाद सौरव ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को आखिरी सलाम कहने की घोषणा कर दी है।
आज सभी क्रिकेट प्रेमियों एवं सौरव के प्रशंसकों की आँखों में वह नजारा अवश्य तैर गया होगा जब इस बंगाल टाइगर ने क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ला‌र्ड्स मैदान की बालकनी में इंग्लैंड के खिलाफ नेटवेस्ट ट्राफी जीतने के बाद अपनी टी शर्ट उतारकर हवा में लहराई थी। यह दर्शाता है कि सौरव कितने शातिर दिमाग कप्तान थे।
उन्होंने ऐसा जानबूझकर किया था। ऐसा करके उन्होंने इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटाफ को जवाब दिया था। जिन्होंने 2002 नेटवेस्ट ट्राफी के पहले भारतीय दौरे में वानखेड़े स्टेडियम पर खेले गए आखिरी वनडे मैच में भारत के खिलाफ जीत के बाद अपनी टी शर्ट उतारकर मैदान के अंदर ही लहरानी शुरू कर दी थी।
आस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वार्न भी सौरव की इसी आक्रामक अदा के कायल हैं। निश्चित रूप से इस फाइटर खिलाड़ी के योगदान को भुलाना भारतीय क्रिकेट और क्रिकेट प्रेमियों के लिए बहुत मुश्किल होगा। विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया को 2001 की सीरीज में सौरव के नेतृत्व में ही टीम इंडिया ने 2-1 से शिकस्त देकर उन्हें करारा झटका दिया था। सौरव ने ही स्टीव वा की टीम का मानमर्दन करके भारतीय क्रिकेट को नया गौरव प्रदान किया था।
बाएं हाथ का यह बल्लेबाज मैदान के अंदर और बाहर दोनों तरह के संघर्ष में माहिर था। इसी कारण आस्ट्रेलियाई इससे सबसे अधिक चिढ़ते थे और चिढ़ते हैं। मानसिक द्वंद्व में भी सौरव ने स्टीव वा एंड कंपनी को मात देकर उन्हें घुटनों के बल लाने की शुरुआत 2001 में ही कर दी थी। भारतीय क्रिकेटरों की मानसिक दशा और दिशा बदलने में भी इस महान योद्धा का बहुत बड़ा योगदान रहा है। यह सौरव का ही नेतृत्व बल था जिसने भारतीय खिलाड़ियों के दिमाग में यह बैठा दिया कि आस्ट्रेलियाई अजेय नहीं हैं।
अब देखना यह है कि युवाओं को मौका देने के नाम पर सौरव पर दबाव वाले किसे उसका उत्ताराधिकारी बनाते हैं?
सौरव ने हाल में में कहा था कि उनमें दो साल की क्रिकेट अभी बाकी है, लेकिन सच्चाई यही है कि भारत के इस सबसे सफल कप्तान ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। कोलकाता वासियों के लिए मंगलवार का दिन शुभ नहीं रहा। एक ओर टाटा मोटर्स की कार नैनो का प्लांट बंगाल से हटकर गुजरात में चला गया, दूसरी ओर बंगाल टाइगर के इस फैसले ने बंगाल को निराशा के सागर में डुबो दिया। पिछले एक दशक से भारतीय क्रिकेट को नित नए आयाम देने वाले इस जुझारू खिलाड़ी ने कहा कि उन्होंने अपने साथी खिलाड़ियों को अपने फैसले के बारे में बता दिया था कि यह मेरी अंतिम सीरीज होगी और मैं इसका अंत जीत के साथ करना चाहूंगा। हालांकि सौरव अपने संन्यास को लेकर भारी दबाव से गुजर रहे थे।

Tuesday, October 7, 2008

युवराज न ठोकी ताल

नई दिल्ली। विस्फोटक बल्लेबाज युवराज सिंह को उनके खराब फॉर्म के कारण चयनकर्ताओं ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों के लिए पूरी तरह नजर अंदाज कर दिया था। लेकिन उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रॉ समाप्त हुए चार दिवसीय अभ्यास मैच में तूफानी शतक ठोककर भारतीय टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ा दिया।बोर्ड अध्यक्ष एकादश के कप्तान युवराज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को हैदराबाद में ड्रॉ समाप्त हुए अभ्यास मैच में दूसरी पारी मात्र 143 गेंदों पर सात चौकों और सात छक्कों की मदद से 113 रन ठोक डाले थे। युवराज ने इस जोरदार पारी से नई राष्ट्रीय चयन समिति के सामने अपनी दोवदारी पेश कर दी है।
युवराज का हालांकि यह थोड़ा दुर्भाग्य रहा कि यह अभ्यास मैच शुरु होने से एक दिन पहले ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरुआती दो टेस्ट मैचों के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई थी।टीम में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को उनकी हाल के खराब फॉर्म के बावजूद बरकरार रखा गया जबकि घरेलू क्रिकेट में ढेरों रन बनाने वाले सुब्रमण्यम बद्रीनाथ को टेस्ट टीम में आने का मौका दिया गया।गांगुली को टीम में चुने जाने के बाद बेंगलुरु में अनुकूलन शिविर में शामिल करने के बजाय उन्हें मैच अभ्यास के लिए चेन्नई में न्यूजीलैंड (ए) के खिलाफ मैच में भारत (ए) की तरफ से उतारा गया। लेकिन वे दोनों पारियों में असफल रहे।पहली पारी में वे 14 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरी पारी में छह रन बनाकर कैच आउट हो गए।

Monday, September 22, 2008

ऑस्ट्रेलिया टीम भारत पहुंची

रिकी पोंटिंग की अगुवाई में आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम नौ अक्टूबर से शुरू होने वाली चार टेस्ट मैचों की सीरीज में भाग लेने के लिए सोमवार को यहां पहुंची।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सूत्रों के अनुसार टीम अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल से बाहर नहीं आई और उसे घरेलू टर्मिनल से जयपुर के लिए उड़ान पकड़नी है। आस्ट्रेलियाई टीम को जयपुर में कुछ अभ्यास मैच खेलने है। इसके बाद वह 29 सितंबर को हैदराबाद पहुंचेगी और तभी से दौरे की आधिकारिक शुरुआत होगी। जयपुर में रुकने और राजस्थान क्रिकेट अकादमी के खिलाफ अभ्यास मैचों की व्यवस्था क्रिकेट बोर्ड ने नहीं बल्कि राजस्थान क्रिकेट संघ ने की है।
भारत और आस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच नौ अक्टूबर से बेंगलूर में, दूसरा मैच 17 अक्टूबर से मोहाली में, तीसरा मैच 29 अक्टूबर से दिल्ली में तथा चौथा और अंतिम टेस्ट मैच छह नवंबर से नागपुर में होगा।

Sunday, September 7, 2008

वीरू-धोनी ने मेंडिस को काबू किया

भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज सुरेश रैना ने एकदिवसीय और 20-20 टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी और आक्रामक बल्लेबाज वीरेन्द्र सेहवाग की तारीफ करते हुए कहा है कि ये दोनों बल्लेबाज किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की बखिया उधेड़ सकते हैं।रैना ने यहां कहा कि श्रीलंका दौरे में धोनी और सेहवाग ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अभी तक श्रीलंका के अबूझ स्पिनर माने जा रहे अजंता मेंडिस की इन दोनों बल्लेबाजों ने जमकर धुनाई की।उन्होंने कहा कि अब मेंडिस की गेंदों से भय खाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि टीम ने उनका काट ढूंढ लिया है।रैना ने कहा, “अब मेंडिस की गेंदें हमारी टीम के किसी भी बल्लेबाज के लिए परेशानी का सबब नहीं बन पाएंगी”।रैना ने सेहवाग और धोनी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें इन दोनों बल्लेबाजों से काफी कुछ सीखने को मिला है और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में सुधार किया है।हालांकि रैना ने माना कि श्रीलंकाई टीम को उसी की जमीन पर चुनौती देना काफी कठिन काम है।रैना ने कहा कि अब सबकी निगाहें आगामी अक्टूबर महीने में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली जाने वाली घरेलू श्रृंखला पर लगी है।उन्होंने कहा, “मैंने इस घरेलू दौरे के लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है”।रैना ने कहा कि वे ज्यादा से ज्यादा घरेलू मैच खेलना चाहते हैं ताकि आगामी श्रृंखला के लिए पूरी तरह तैयार हुआ जा सके।

Thursday, September 4, 2008

बेहद प्यारी है प्रियंका

बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल ने कहा कि यदि अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा उनकी हाल ही में प्रदर्शित फिल्म 'चमकू' में ग्लैमर रहित भूमिका निभाने के लिए राजी नहीं होती तो उन्हें काफी कठिनाई हो सकती थी। बोबी ने कहा, "प्रियंका बेहद प्यारी अभिनेत्री है। उसने फिल्म 'चमकू' में एक ग्लैमर रहित भूमिका निभाई है, हालांकि ज्यादातर अभिनेत्रियां ऐसी भूमिकाएं नहीं करना चाहती हैं। वैसे प्रियंका ने इस किरदार को सहजता से निभाया है। "उल्लेखनीय है कि यह फिल्म बॉबी की होम प्रोडक्शन है, जिसमें वे एक नक्सली की भूमिका में हैं। फिल्म में प्रियंका एक स्कूल शिक्षिका की भूमिका में है जो बॉबी से प्यार करती है। फिल्म में अभिनेता रितेश देशमुख ने बॉबी के छोटे भाई की भूमिका निभाई है। बॉबी ने रितेश की तारीफ करते हुए कहा, "वे बहुत अच्छे अभिनेता हैं। जब मैंने उन्हें अपनी फिल्म में काम करने को कहा तो वे बिना विचार किए राजी हो गए जबकि उन दिनों वे काफी व्यस्त थे।"

Saturday, August 16, 2008

युवराज की आतिशी पारी

युवराज सिंह [172] ने स्वतंत्रता दिवस के दिन चौकों और छक्कों की बौछार करते हुए श्रीलंका एकादश के होश उड़ा दिए और भारत को एकदिवसीय सीरीज शुरू होने से पहले एकमात्र अभ्यास मैच में शुक्रवार को 92 रन की शानदार जीत दिला दी।

युवराज ने महज 121 गेंदों में आठ चौके और 13 गगनचुंबी छक्के उड़ाते हुए 172 रन की बेहतरीन पारी खेली और श्रीलंका को 18 अगस्त से शुरू होने वाली एकदिवसीय सीरीज के लिए खतरे का संकेत दे दिया। फार्म में लौटे युवराज के इस तूफानी शतक से भारत ने पांच विकेट पर 342 रन का विशालकाय स्कोर खड़ा कर दिया। श्रीलंका एकादश की टीम इसके जवाब में छह विकेट पर 250 रन ही बना सकी। इरफान पठान ने अच्छी गेंदबाजी करते हुए 48 रन पर दो विकेट झटके जबकि आरपी सिंह, मुनफ पटेल, हरभजन सिंह और प्रज्ञान ओझा को एक-एक विकेट मिला।

टेस्ट सीरीज क ी पराजय के बाद भारत की एकदिवसीय सीरीज से पहले अभ्यास मैच में यह तूफानी जीत निश्चित रूप से महेंद्र सिंह धोनी की सेना का एकदिवसीय सीरीज के लिए मनोबल बढ़ाने वाला काम करेगी। श्रीलंका एकादश की टीम में कई ऐसे खिलाड़ी खेल रहे थे जो टेस्ट और एकदिवसीय टीमों में खेल चुके थे। लेकिन युवराज का एकतरफा कत्लेआम उन पर भारी पड़ गया। युवराज को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो टेस्ट टीम का पराजय का पूरा गुस्सा वह श्रीलंका एकादश पर उतारने को उतारू थे।

धोनी ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। फार्म में चल रहे ओपनर वीरेंद्र सहवाग को इस मैच में विश्राम दिया गया। अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान विराट कोहली को गौतम गंभीर के साथ ओपनिंग करने का मौका दिया गया। दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ छह ओवर में 41 रन की साझेदारी कर डाली। गंभीर 25 गेंदों में छह चौकों की मदद से 31 रन बनाकर आउट हुए। कोहली ने 40 गेंदों में 23 रन बनाए और 13वें ओवर में भारत का स्कोर दो विकेट पर 73 रन हो गया। लेकिन इसके बाद सुरेश रैना के साथ युवराज ने गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। युवराज ने रैना के साथ तीसरे विकेट के लिए 77 रन की साझेदारी की। रैना 57 गेंदों में 45 रन बनाकर आउट हुए। युवराज ने इसके बाद रोहित शर्मा के साथ चौथे विकेट के लिए 85 रन जोड़े। युवराज ने फिर कप्तान धोनी के साथ पाचवें विकेट के लिए लगभग सात ओवर में 99 रन की तूफानी साझेदारी की। युवराज 49वें ओवर में चानका वेलेगेदारा की गेंद पर आउट हुए।
श्रीलंका एकादश के लिए 343 रन का लक्ष्य पहाड़नुमा साबित हुआ। उपुल थरंगा ने 50, चामरा सिल्वा ने 38, जेहान मुबारक ने 60 और कौशल सिल्वा ने नाबाद 38 रन बनाए। लेकिन वे भारत के स्कोर के आसपास भी नहीं पहुंच पाए। अंतत: भारत ने एकदिवसीय सीरीज शुरू होने से पहले मनोबल बढ़ाने वाली जीत हासिल कर ली।

Sunday, August 3, 2008

भारत का धमाका, श्रीलंका पर जीत


सलामी बल्लेबाज वीरेद्र सहवाग के साहस और अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह की अंगुलियों के जादू व तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा की तेजी के तीखेपन के दम पर भारत ने रविवार को दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन ही श्रीलंका को 170 रन से करारी शिकस्त देकर कोलंबो में मिली शर्मनाक हार का बदला चुकता कर दिया।
भारत ने अपनी दूसरी पारी में 269 बनाकर श्रीलंका के सामने लगभग दो दिन में 307 रन बनाने का लक्ष्य रखा लेकिन हरभजन ने 51 रन देकर चार और ईशांत ने 20 रन के एवज में तीन विकेट लेकर श्रीलंकाई टीम को 47.3 ओवर में केवल 136 रन ढेर करके तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। श्रीलंका ने कोलंबो में पहला टेस्ट पारी और 239 रन से जीता था लेकिन गाले में उसकी एक नहीं चली जहां भारत ने पहली बार जीत दर्ज की। यह भारतीय टीम की श्रीलंकाई सरजमीं पर तीसरी और अपने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 11वीं जीत है।
गाले इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच पर चौथी सुबह ही बल्लेबाजी करना आसान नहीं था लेकिन वीरेंद्र सहवाग [नाबाद 201 और 50 रन] की बेहतरीन बल्लेबाजी से भारत इतनी अच्छी स्थिति में पहुंच गया था कि उसके लिए यह सकारात्मक साबित हुआ। चौथे दिन कुल 16 विकेट गिरे और केवल श्रीलंकाई बल्लेबाज थिलन समरवीरा ही टिक कर गेंदबाजों का डटकर सामना कर पाए। वह आखिर में 67 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारत ने सुबह 69 रन के अंदर अपने बचे हुए छह विकेट गंवाए लेकिन पिच बल्लेबाजों के लिए खतरनाक हो गई थी और भारतीयों ने इसका पूरा फायदा उठाया। माइकल वेंडोर्ट का जहीर खान के पहले ओवर में कैच छूटा लेकिन यह महंगा साबित नहीं हुआ तथा भारत के नई गेंद के गेंदबाजों ने पिच से मिल रही स्विंग से श्रीलंकाई बल्लेबाजों का जीना मुहाल कर दिया था। ईशांत ने शानदार फार्म में चल रहे मलिंडा वर्नापुरा को खाता भी नहीं खोलने दिया और वीवीएस लक्ष्मण के हाथों कैच कराया।
जहीर खान ने आईसीसी रैकिंग में नंबर एक बल्लेबाज कुमार संगकारा को तेजी से उठती गेंद पर लक्ष्मण को कैच देने के लिए मजबूर किया जबकि ईशांत ने जल्द ही कप्तान महेला जयवर्धने का कीमती विकेट लेकर श्रीलंका का स्कोर तीन विकेट पर दस रन कर दिया। पहली पारी में छह विकेट लेने वाले हरभजन ने यहीं से अपनी अंगुलियों का जादू दिखाया तथा मैच में 153 रन देकर दस विकेट लिए। यह पांचवां अवसर है जबकि उन्होंने किसी मैच में दस विकेट हासिल किए।
इस ऑफ स्पिनर ने वेंडोर्ट को पगबाधा आउट करके दूसरी पारी में अपने विकेटों का खाता खोला। इसके बाद समरवीरा और तिलकरत्ने दिलशान [38] ने पांचवें विकेट के लिए 76 रन की भागीदारी करके कुछ देर तक विकेट गिरने का क्रम रोके रखा। दिलशान जब 17 रन पर थे तब हरभजन को उनका विकेट भी मिल जाता लेकिन विकेटकीपर दिनेश कार्तिक कैच नहीं ले पाए। चाय के विश्राम के बाद कप्तान अनिल कुंबले ने फिर से ईशांत को गेंद थामी तथा दिल्ली के इस तेज गेंदबाज ने दिलशान को आउट करके भारत को चौथे दिन ही जीत का स्वाद चखने का मौका दिया।
ईशांत की अच्छी लेंथ से बाहर की ओर जाती गेंद को दिलशान ने बैकफुट पर जाकर रक्षात्मक रूप से खेलना चाहा लेकिन वह उनके बल्ले को चूमती हुई विकेट के पीछे चली गई और इस बार कार्तिक ने कोई गलती नहीं की। हरभजन और कुंबले के सामने पुछल्ले बल्लेबाज थे। प्रसन्ना जयवर्धने [4] एक बार तो हरभजन की गेंद पर रेफरल के कारण पगबाधा आउट होने से बच गए लेकिन अगली बार गेंद सीधी जा रही थी और बल्लेबाज के पास कहने के लिए कुछ नहीं था।
हरभजन ने अपने अगले दो ओवर में चमिंडा वास और मेंडिस को आउट करके मैच में दस विकेट पूरे किए जबकि कुंबले ने नुवान कुलशेखरा को आउट करने के बाद जैसे ही मुथैया मुरलीधरन को अपनी गेंद पर कैच किया भारतीय खिलाड़ी खुशी से उछल पड़े। दूसरे छोर पर समरवीरा 217 मिनट तक क्रीज पर टिके रहे और उन्होंने 126 गेंद खेली तथा आठ चौके लगाए। पहले मैच में करारी हार के बाद भारत के लिए यह जीत बहुत जरूरी हो गई थी लेकिन उसके लिए आसान नहीं रही। मैन ऑफ द मैच वीरेंद्र सहवाग और उनके साथी सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को छोड़कर बाकी सभी भारतीय बल्लेबाज असफल रहे लेकिन गेंदबाजों ने दोनों पारियों में अपनी छाप छोड़ी।

Saturday, August 2, 2008

छरहरा बदन सबकी चाहत


छरहरे बदन की चाह हर किसी को होती है। हम सभी अपनी पतली कमर और सपाट पेट को पाने के लिए क्या-क्या नहीं
करते। यह होड़ केवल युवाओं में ही नहीं है बल्कि हर उम्र के लोगों में लगी है। उर्मिला सी पतली कमर,शाहरूख से सिक्स पैक एब्स ,करीना सा फिगर हममे से कौन पाना नहीं चाहेगा? जल्द से जल्द स्लीम बनने की चाहत कब हमारी जेब खाली कर देती है इसका अंदाजा भी हमें नही होता है ऐसे में हमारी मजबूरी का फायदा उठाकर जिम्नेशियम और योगा क्लासेस वाले धड़ल्ले से नोट कमाते हैं ।' अन्नई पालत,अन्नई घालत' अर्थात अन्न ही पालता है अन्न ही बिगाड़ता है। यह कहावत आज भी चरितार्थ होती है। चटपटी चीजों के स्वाद का लालच कही मौत के मुँह तक न ले जाए,मुँह को स्वादिष्ट लगने वाला भोजन कहीं हमारी मौत का सामान न बन जाए इसलिए समय रहते सम्हल जाए और अपनी सुस्वादु जीभ पर लगाम लगाएँ ।
कुछ लोग यह मानते हैं कि वो इस दुनिया में केवल खाने के लिए ही आए हैं इसलिए ऐसे लोग कहीं भी भोज पर जाते ही भोजन की थाली पर टूट पड़ते हैं और खाने का कोई मौका नहीं चूकते हैं । हम खाने के लिए हैं या खाना हमारे लिए है इस बात को समझे। आकड़ों के मुताबिक यदि आप महिने में 8 दिन भी रिश्तों के खातिर खाते हैं तो हर हफ्ते आप शरीर में 500 कैलोरी अतिरिक्त जमा कर लेगी। जिससे आपका वजन हर महिने आधा पौंड बढ़ जाएगा।
एक विदेशी पत्रिका द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार 50 महिलाओं में से केवल एक महिला ही अपने शरीर को लेकर पूरी तरह खुश है। करीब 50 प्रतिशत महिलाएँ अपने वजन को लेकर झूठ बोलती है, वहीं 60 प्रतिशत महिलाएँ अपने कपड़ों से साइज का लेबल तक उखाड़ फेंकती हैं । कुछ ऐसी ही स्थिति पुरूषों की भी है।
लेखिका पामेला पीक के अनुसार- पुरूषों में वजन हमेशा अधेड़ावस्था में बढ़ता है जबकि महिलाओं में बच्चा पैदा होने के बाद वजन बढ़ता हैं। अगर इस दरमियान वजन को नियंत्रित करने पर ध्यान दिया जाए तो हम वजन बढ़ने से होने वाले दुष्परिणामों से बच सकते है ।
हर कोई दुबला-पतला और आकर्षक दिखना चाहता है परंतु कई बार गलत तरीके से किए गए व्यायाम व डायटिंग हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक सिद्ध हो सकते हैं इसलिए विशेषज्ञ की सलाह के बगैर व्यायाम प्रारंभ न करे। वजन का अचानक कम होना भी हमारे शरीर में कई बीमारियों का जनक बन जाता है ।अपना वजन कम करें। स्वस्थ,आर्कषक व सुंदर दिखे तथा एक नवउत्साह के साथ जीवन की शुरूआत करे।

सचिन फिल्मों में!


अपनी बल्लेबाजी से दुनिया भर के क्रिकेटप्रेमियों को अपना दीवाना बनाने वाले सचिन तेंडुलकर अब बॉलीवुड में पदार्पण करने जा रहे हैं और गणपति पर बनने वाली एक फिल्म में वह नजर आएँगे।
गणपति के परमभक्त सचिन 'विध्नहर्ता सिद्धिविनायक' फिल्म में एक संक्षिप्त भूमिका निभाएँगे। फिल्म का निर्माण सिद्धिविनायक मंदिर न्यास कर रहा है, जो मुंबई के प्रभादेवी इलाके में स्थित इस मशहूर मंदिर की देखरेख करता है।
न्यास के प्रमुख सुभाष मायेकर ने कहा सचिन कई साल से नियमित रूप से इस मंदिर में आ रहे हैं और वह गणपति के अनन्य भक्त है। मीडिया की खबरों के अनुसार फिल्म के निर्माण से जुड़ी कंपनी के प्रमुख राजीव संघवी ने कहा सचिन की इसमें संक्षिप्त भूमिका होगी। वह सचिन तेंडुलकर के रूप में ही नजर आएँगे। या तो एक गीत उन पर फिल्माया जाएगा या कुछ दृश्य होंगे। तेंडुलकर के कार्यालय ने भी इस क्रिकेटर के श्रीलंका दौरे से लौटने के बाद फिल्म की शूटिंग में भाग लेने की पुष्टि की है। फिल्म की शूटिंग अगले महीने शुरू होगी और इसमें हिन्दी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन ने वाइस ओवर दिया है। कई नामी-गिरामी कलाकार इसमें नि:शुल्क काम करेंगे।

मलिका का हॉट सोंग


मल्लिका शेरावत यदि फिल्म में हो और कोई सेक्सी गाना न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। मल्लिका की दर्शकों के बीच हॉट नायिका की इमेज है, इसलिए ज्यादातर निर्माता-निर्देशक मल्लिका पर सेक्सी गाना फिल्माते हैं। ‘मान गए मुगल-ए-आजम’ मल्लिका की आने वाली चर्चित फिल्म हैं, जिसमें उनके साथ राहुल बोस, केके मेनन और परेश रावल जैसे अभिनेता हैं। इस फिल्म के लिए हाल ही में मल्लिका पर एक हॉट साँग फिल्माया गया। केके मेनन इस गाने में मल्लिका के साथ नजर आएँगे। इसे सुनिधि चौहान और सोनू निगम ने गाया है।
इस गाने के बारे में फिल्म के निर्माता रतन जैन कहते हैं ‘गाने को काफी चटपटे अंदाज में लिखा गया है और इसका फिल्मांकन इसे और मसालेदार बनाता है। सरोज खान की कोरियोग्राफी शानदार है। यह गाना मेरी उम्मीदों से कई गुना बेहतर बना है और दर्शक इसे लंबे समय तक याद रखेंगे।‘ इस समय ‘मान गए मुगल-ए-आजम’ के संगीत को काफी पसंद किया जा रहा है और इसके निर्माता को उम्मीद है कि जैसे-जैसे फिल्म के प्रदर्शन की तिथि नजदीक आएगी वैसे-वैसे संगीत और लोकप्रिय होगा।

श्रीलंका के सामने कठिन चुनौती

हरभजन सिंह और अनिल कुंबले की फिरकी के जादू के बाद बल्लेबाजों के सधे हुए प्रदर्शन की बदौलत भारत ने श्रीलंका के सामने दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन कठिन चुनौती पेश करने के लिए मजबूती से कदम बढ़ा दिए है।
तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने दूसरी पारी में चार विकेट खोकर 200 रन बना लिए थे। अब उसकी कुल बढ़त 237 रन की हो गई जबकि उसके पास छह विकेट शेष है। भारत की ओर से सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण क्रीज पर मौजूद है जिन्होंने अभी अपने खाते नहीं खोले है।
पहली पारी के हीरो सहवाग ने एक बार फिर श्रीलंका के गेंदबाजों को खूब परेशान किया। सहवाग ने तेजी से अर्धशतक पूरा किया। हालांकि इसके बाद वह चमिंडा वास की गेंद पर शॉट खेलने के प्रयास में तिलकरत्ने दिलशान को कैच थमा बैठे। उन्होंने सिर्फ 52 गेंद पर छह चौके व एक छक्के की मदद से 50 रन की पारी खेली। दूसरे सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने रन बनाने जारी रखे। उन्होंने द्रविड़ के साथ मिलकर 54 रन जोड़े। हालांकि वह 74 रन के निजी स्कोर पर अजंथा मेंडिस की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने दस चौके जमाए।
क्रीज पर आए मास्टर ब्लास्टर ने आते ही तेजी से रन जमाए। हालांकि वह बड़ा स्कोर नहीं बना सके और 42 गेंद पर 31 रन बनाकर बनाकर चमिंडा वास के शिकार बने। काफी समय से असफल चल रहे द्रविड़ ने बेहतरीन बल्लेबाजी की लेकिन वह अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके। उन्होंने मुथैया मुरलीधरन की गेंद पर पगबाधा होने से पहले 44 रन की पारी खेली।
इससे पहले हरभजन सिंह व अनिल कुंबले ने श्रीलंका को पहली पारी में 292 रन पर समेट दिया। इस प्रकार भारत को पहली पारी के आधार पर 37 रन की बढ़त मिल गई है। तीसरे दिन श्रीलंका की टीम सिर्फ 77 रन जोड़ पाई। जयवर्धने ने 188 गेंदों पर दस चौकों की मदद से सर्वाधिक 86 रन बनाए। भारत के लिए हरभजन ने सर्वाधिक छह और कुंबले ने तीन विकेट हासिल किए।
इससे पहले दूसरे दिन के नाबाद बल्लेबाज महेला जयवर्धने ने 98 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से अपना अर्धशतक पूरा किया जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज प्रसन्ना जयवर्धने 24 रन बनाने के बाद हरभजन सिंह की गेंद पर वीवीएस लक्ष्मण के हाथों लपके गए। चमिंडा वास को कुंबले ने हरभजन के हाथों कैच कराकर इस टेस्ट सीरीज में अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद नुवान कुलशेखरा व जयवर्धने ने संभलकर खेलते हुए गेंदबाजों कोई मौका नहीं दिया और आठवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण 37 रन की साझेदारी की। भारत के लिए खतरनाक होती जा रही इस जोड़ी को कुंबले ने जयवर्धने को विकेटकीपर दिनेश कार्तिक के हाथों कैच आउट कराकर तोड़ा। इसके बाद कुंबले ने अजंथा मेंडिस को एलबीडब्ल्यू व हरभजन ने मुरलीधरन को गांगुली के हाथों कैच कराकर श्रीलंका की पहली पारी का अंत किया। कुलशेखरा 5 रन बनाकर नाबाद रहे।

Tuesday, July 29, 2008

लारा का प्रेमी!


अभिनेत्री लारा दत्ता आजकल यही कहती फिर रही हैं कि वे अपना सारा ध्यान फिलहाल अपने करियर पर ही लगा रही हैं, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या यह सच है? शायद नहीं! क्योंकि लारा के करीबी लोगों का कुछ और मानना है। वे तर्क देते हैं, लारा दत्ता करियर के साथ ही अपनी लव-लाइफ को लेकर भी आजकल बेहद गंभीर हो गई हैं। वे प्यार के खूबसूरत अहसास का अनुभव फिर से कर रही हैं। उनकी जिंदगी में डिनो मोरिया की अहमियत आजकल काफी बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि केली दोरजी से अलगाव होने के बाद लारा एक तरह से तनहा जिंदगी ही जी रही थीं। बाद में धीरे-धीरे उनकी नजदीकियां डिनो से हो गई। फिलहाल वे पूरी कोशिश में हैं कि उनकी और डिनो की प्रेम कहानी पर पर्दा पड़ा रहे, लेकिन डिनो हैं कि वे अपने प्यार को छुपा नहीं पा रहे हैं! अभी पिछले दिनों की बात है। लारा बहामास में फिल्म ब्लू की शूटिंग कर रही थीं। डिनो उन्हें बिना सूचित किए वहां उनके फिल्म के सेट पर पहुंच गए। लारा उन्हें अचानक वहां देख हैरान रह गई। वहां इन दोनों प्रेमियों का मिलन हुआ और दोनों ने काफी समय साथ भी गुजारा।
कहा यह भी जा रहा है कि लारा और डिनो दोनों ही प्यार में धोखा खा चुके हैं, इसलिए इस बार वे जल्दबाजी के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। एक-दूसरे को बखूबी समझ लेने के बाद ही अपने प्यार का ऐलान दुनिया के सामने करेंगे। मॉडलिंग पृष्ठभूमि से आने वाले लारा और डिनो के प्रेम का रंग धीरे-धीरे गहरा होता जा रहा है। हालांकि इन दोनों से जब भी इनकी प्रेम कहानी के बारे में पूछा जाता है, तो दोनों खुद को एक-दूसरे का सिर्फ अच्छा दोस्त बताते हैं। बहरहाल, देखते हैं कि कब तक इन दोनों का प्यार दोस्ती की ओट में छुपा रहता है..!

गेल ने कप्तानी से इस्तीफा दिया

क्रिस गेल ने वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है और कैरिबियाई बोर्ड के सीईओ डोनाल्ड पीटर्स को भी लंबी छुट्टी पर भेजे जाने से चैंपियंस ट्राफी से पहले कैरिबियाई क्रिकेट में उथल पुथल मच गई है।
त्रिनिदाद एक्सप्रेस ने मंगलवार को कहा, सीईओ डोनाल्ड पीटर्स ने इसकी पुष्टि की है कि वेस्टइंडीज के कप्तान क्रिस गेल ने शनिवार की रात अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इसमें कहा गया कि उन्होंने हालांकि इसका ब्यौरा नहीं दिया। गेल वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड की चयन नीतियों से खफा थे और आस्ट्रेलिया के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में टीम के चयन पर उन्होंने नाराजगी भी जताई थी। इस बीच कैरिबियाई मीडिया ने कहा, पीटर्स को प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया है। इसके अलावा बोर्ड की गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में कार्पोरेट सचिव टोनी दयाल को भी हटा दिया गया है। पीटर्स ने हालांकि कहा, मेरी इस बारे में कोई बातचीत नहीं हुई है। दयाल ने कहा, मैंने बोर्ड से इसकी सफाई मांगी है और बोर्ड ने कुछ नहीं कहा। किसी ने इसका खंडन या पुष्टि नहीं की है। मुझे पद से हटाए जाने का कोई कारण समझ नहीं आता।

Sunday, July 27, 2008

थराया अहमदाबाद ४५ मरे

आईटी सिटी बेंगलूर में बीते शुक्रवार को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की गूंज अभी शात भी नहीं हुई थी कि शनिवार शाम गुजरात का प्रमुख औद्योगिक शहर अहमदाबाद भी सीरियल बम धमाकों से दहल उठा। एक के बाद बाद एक हुए 17 सीरियल बम विस्फोटों में 45 लोगों की मौत हो गई जबकि 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए। ये विस्फोट शहर के मणिनगर, इसनपुर, नरोल सर्किल, बापूनगर, हाटकेश्वर, सरनागपुर ब्रिज, सरखेज, रायपुर, जुहापुर, कोरियर मंदिर, ओधव आदि इलाके में हुए। धमाकों में टिफिन का इस्तेमाल किया गया जो साइकिल पर रखे हुए थे। जांच सूत्रों के अनुसार धमाकों में जिलेटिन और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया है।
हाल के दिनों में आतंकियों ने उन्हीं राज्यों के प्रमुख शहरों को निशाना बनाया है जहां भाजपा की सरकार है। इससे पहले 13 मई को जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट में 65 लोग मारे गए थे।
अहमदाबाद में पहला धमाका शाम 6.41 पर हुआ। इसके बाद 90 मिनट के भीतर एक के बाद एक 13 स्थानों पर धमाके हुए। विस्फोट के बाद अहमदाबाद रेलवे स्टेशन सील कर दिया गया। गुजरात के पड़ोसी राज्यों समेत पूरे देश में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। दिल्ली में हाई अलर्ट के साथ-साथ सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
जिन स्थानों पर धमाके हुए उनमें मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्वाचन क्षेत्र मणिनगर भी शामिल है। मणिनगर और सरखेज में दो धमाके हुए। सरखेज में राज्य परिवहन निगम की सीएनजी बस और संगम थिएटर को निशाना बनाया गया। एक धमाका मणिनगर के सिविल अस्पताल के ट्रामा वार्ड में हुआ। यहां हुए विस्फोट में आठ लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। पहले धमाके के करीब 40 मिनट के बाद अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में विस्फोट से आतंकियों की यह मंशा साफ है कि उनकी यह कार्रवाई सुनियोजित तौर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों को हताहत करने की थी। जाहिर है कि घायलों को अस्पताल लाए जाने के क्रम में बचावकर्मियों के साथ-साथ आम लोगों की भारी भीड़ वहां जुट गई थी।

Saturday, July 26, 2008

युवराज सिंह ‘क्लीन बोल्ड’ !


भारतीय क्रिकेट जगत के मशहूर खिलाड़ी युवराज सिंह भले ही श्रीलंका टेस्ट श्रृखंला में भाग नहीं ले रहे हैं, लेकिन बल्लेबाजी नहीं करने के बाद भी वह ‘क्लीन बोल्ड’ हो गए हैं। उन्हें बोल्ड करने वाली कोई और नहीं, बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री बिपाशा बसु है।
एक तरफ जहां फिल्म जगत की इस ग्लैमरस अभिनेत्री ने पहले तो मॉडल से अभिनेता बने डिनो मोरिया को प्रेम का पाठ पढ़ाया और उसके बाद जॉन अब्राहम के दिल पर दस्तक दी। वहीं क्रिकेट में सबके छक्के छुड़ाने वाले बल्लेबाज युवराज सिंह ने बॉलीवुड अभिनेत्रियों को अपने रोब से बहुत प्रभावित किया। लेकिन अभिनेत्री किम शर्मा और दीपिका पादुकोण के साथ वह प्यार के मैदान में ज्यादा रन नहीं बना पाए।
आप सोचेंगे कि आखिर बिपाशा और युवराज का आपस में क्या संबंध? दरअसल, खेल के उत्पाद बनाने वाली एक कम्पनी ने बिपाशा बसु और युवराज सिंह को अपने ब्रांड के प्रचार के लिए अनुबंधित किया है। इस ब्रांड के प्रोमोशनल शूटिंग के दौरान बिपाशा और युवराज के बीच अच्छी केमिस्ट्री देखने को मिली।
युवराज सिंह इन दिनों अकेले हैं और अपनी जिन्दगी में प्यार की असफलताओं को लेकर दुखी भी। लिहाजा इस प्रोमोशनल शूटिंग के दौरान बिपाशा ने उन्हें अपनी मिसाल देते हुए समझाया कि, “जिन्दगी में पार्टनर तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन इसका प्रभाव अपने करियर पर नहीं पड़ने देना चाहिए।” बिपाशा की सलाह के बाद अब युवराज सिंह का मूड अच्छा रहने लगा है और वह खुश रहने लगे हैं।
जाहिर है बिपाशा की बातों को सुनकर जहां बल्लेबाज युवराज सिंह ‘क्लीन बोल्ड’ हो गए हैं, वहीं जॉन अब्राहम के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है, कि कहीं बिपाशा की सलाह सच निकली तो उनके लिए काफी मुश्किल हो जाएगी।

भारत एक पारी और 238 रनों से पराजित

सिंहली स्पोर्ट्स क्लब क्रिकेट मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका ने भारत को एक पारी और 238 रनों से पराजित कर दिया।
पहली पारी में श्रीलंका के स्कोर 6 विकेट पर 600 (घोषित) के जवाब में अपनी पहली पारी में 233 रन बनाने वाली भारतीय टीम फॉलोऑन खेलते हुए दूसरी पारी में महज 45 ओवरों में 138 रन बनाकर आउट हो गई। श्रीलंका की टीम तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला में 1-0 से आगे हो गई है।
श्रीलंका की जीत में महान स्पिन गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन की अहम भूमिका रही। मुरली ने कहर बरपाते हुए मैच में 110 रन देकर 11 विकेट झटके। अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे युवा स्पिनर अजंता मेंडिस भी आठ विकेट चटकाने में सफल रहे।
चायकाल तक 103 रन पर छह विकेट गंवाने वाली भारतीय टीम ने तीसरे और आखिरी सत्र के दौरान महज छह ओवर में श्रीलंकाई स्पिनरों के सामने घुटने टेक दिए। भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने सबसे अधिक 43 रन बनाए।
भारत का पहला विकेट भोजनावकाश से ठीक पहले सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सेहवाग के रूप में गिरा था। सेहवाग ने 13 रन बनाए। भारतीय टीम ने अपना दूसरा विकेट वीवीएस लक्ष्मण के रूप में 57 रन के कुल योग पर गंवाया। पहली पारी में सबसे अधिक 56 रन बनाने वाले लक्ष्मण को पदोन्नत करके तीसरे क्रम पर भेजा गया था, लेकिन वह 21 रन बनाने के बाद मेंडिस की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए।
तीसरे विकेट के रूप में भारत को सचिन तेंदुलकर से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह भी सस्ते में आउट हुए। 12 रन बनाने वाले सचिन का विकेट 82 के कुल योग पर गिरा। उन्हें मुरलीधरन ने तिलकरत्ने दिलशान के हाथों कैच कराया।
अच्छी लय में दिख रहे सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के रूप में भारत का चौथा विकेट गिरा। गंभीर ने 90 गेंद पर चार चौकों की मदद से 43 रन बनाए। उन्हें मुथैया मुरलीधरन ने विकेट के पीछे एच. जयवर्धने के हाथों स्टंप कराया।
भारत ने अपना पांचवां विकेट पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के रूप में गंवाया। गांगुली 04 रन बनाकर मुरलीधरन की गेंद पर तिलकरत्ने दिलशान के हाथों लपके गए। मुरली ने मैच में अपने हिस्से का नौवां विकेट झटका। भारत का छठा विकेट राहुल द्रविड़ के रूप में गिरा। द्रविड़ 10 रन अजंता मेंडिस की गेंद पर वार्णपूरा के हाथों लपके गए।
भारत का सातवां विकेट दिनेश कार्तिक के रूप में गिरा। कार्तिक को मुथैया मुरलीधरन ने कप्तान महेला जयवर्धने के हाथों लपकवाया। कार्तिक अपना खाता भी नहीं खोल सके। कार्तिक के रूप में मुरली ने इस मैच में अपना दसवां विकेट चटकाया।
भारत का आठवां विकेट कप्तान अनिल कुंबले के रूप में गिरा। उन्हें मुथैया मुरलीधरन ने 12 रनों के निजी स्कोर पर बोल्ड किया। मुरलीधरन ने इस तरह मैच में अपना 11वां विकेट झटका।
इसके बाद तो श्रीलंका की जीत की महज औपचारिकता रह गई थी। मेंडिस ने नौवें विकेट के रूप में हरभजन सिंह और दसवें विकेट के रूप में जहीर खान को आउट कर इस पर मुहर लगा दी। ईशांत शर्मा पांच रन बनाकर अविजित रहे।
इससे पहले, तीसरे दिन के अपने स्कोर 6 विकेट पर 159 रन से आगे खेलने उतरी भारतीय टीम अपनी पहली पारी के कुल योग में 64 रन जोड़ने के बाद सिमट गई थी। भारत की ओर से वीवीएस लक्ष्मण ने सर्वाधिक 56 रन बनाए। लक्ष्मण तीसरे दिन 19 रन पर नाबाद लौटे थे। लक्ष्मण ने 118 गेंद खेलकर छह चौके लगाए।
तीसरे दिन एक रन पर नाबाद लौटने वाले कप्तान अनिल कुंबले अपने स्कोर में एक रन का भी इजाफा नहीं कर सके और असंथा मेंडिस की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। हरभजन सिंह ने नौ रन बनाए, जबकि जहीर खान पांच रन पर आउट हुए। ईशांत शर्मा 13 रन बनाकर अविजित लौटे।
चौथे दिन के पहले सत्र में मेंडिस और मुरलीधरन ने पहली पारी में भारत के सभी विकेट झटके। मुरलीधरन ने सबसे अधिक पांच विकेट लिए, जबकि अपना पहला टेस्ट खेल रहे मेंडिस ने चार विकेट लिए।

Thursday, July 24, 2008

लंका पांच सो की और

भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन टी के बाद श्रीलंका की ओर से थिलन समरवीरा ने भी सेंचुरी जड़ी और अभी वह नॉटआउट हैं। जबकि श्रीलंका का स्कोर 400 रन के पार हो गया है।
इससे पहले श्रीलंका के कैप्टन शानदार सेंचुरी बनाकर आउट हो गए हैं। उन्हें 135 के निजी स्कोर पर इशांत शर्मा ने आउट किया। इस तरह श्रीलंका ने चौथा विकेट गंवाया। उनकी जगह दिलशान क्रीज पर मोर्चा संभालने आए। तीसरे विकेट के रूप में वर्णपुरा 115 रनों की शानदार पारी खेलकर हरभजन की बॉल पर राहुल द्रविड़ को कैच दे बैठे।
बुधवार को टेस्ट के पहले दिन बारिश ने खेल में बहुत खलल डाला। बुधवार को केवल आखिरी सेशन में ही खेल शुरू हो पाया। इस सत्र में 42 ओवर फेंके जाने थे, लेकिन बारिश एक बार फिर विलेन बन गई और केवल 22 ओवरों का खेल मुमकिन हो पाया। श्रीलंका ने बारिश के कारण पहले दिन का खेल जल्दी बंद किए जाने के समय अपनी पहली पारी में दो विकेट खोकर 85 रन बनाए। तब सलामी बल्लेबाज मालिंडा वर्णपुरा 60 और कैप्टन महेला जयवर्धने 16 रन बनाकर क्रीज पर डटे थे।

श्रीलंका की पहली पारी में अब तक गिरने वाले दोनों विकेट भारत के तेज गेंदबाजों के हिस्से आए। युवा तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने ओपनर माइकल वेंडॉर्ट (3) को विकेटकीपर दिनेश कार्तिक के हाथों कैच कराया। वेंडॉर्ट के रूप में श्रीलंका ने पहला विकेट 7 रन के स्कोर पर खोया। अनुभवी ज़हीर खान ने कुमार संगकारा(12) को पहली स्लिप में राहुल द्रविड़ के हाथों कैच कराकर भारत को दूसरी कामयाबी दिलाई और श्रीलंका का दूसरा विकेट 57 के स्कोर पर गिरा। भारत के तेज गेंदबाजों इशांत और ज़हीर ने खासी धारदार गेंदबाजी की। इस टेस्ट मैच की शुरुआत में विलंब हुआ। सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब मैदान के गीला होने के कारण पहले दो सेशन में कोई खेल नहीं हो पाया।
मैच जब शुरू हुआ तो श्रीलंका के कप्तान महेला जयवर्धने ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। जहीर और इशांत ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की बागडोर संभाली। इशांत ने अपने दूसरे ओवर में ही भारत को पहली सफलता कामयाबी दिलाई। इशांत के इस ओवर की आखिरी गेंद श्रीलंका के बांए हाथ के बल्लेबाज माइकल वेंडॉर्ट के ऑफ स्टंप के बाहर पड़ने के बाद और बाहर निकली। वेंडॉर्ट ने इस गेंद का पीछा किया और गेंद बल्ले का किनारा लेती हुई विकेट कीपर कार्तिक के दस्तानों में समा गई।

Tuesday, July 22, 2008

मसाला फिल्मों का निर्माण करेगी : शिल्पा


अभिनेत्री से निर्माता बनीं शिल्पा शेट्टी ने कहा है कि उनकी निर्माण कंपनी एस 2 पूरी तरह मसाला फिल्मों का निर्माण करेगी।
ब्रिटेन के रियलिटी शो बिग ब्रदर के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं शिल्पा कहती हैं, "भारतीय दर्शक आज भी सामाजिक फिल्मों की बजाए, हल्के-फुल्के मनोरंजन वाली व्यावसायिक फिल्में देखना पसंद करते हैं।" शिल्पा ने कहा, "सामाजिक फिल्में बनाकर मैं यहां अपना नुकसान करने नहीं आई हूं। हमारी कंपनी पूरी तरह से व्यावसायिक फिल्में बनाएंगी। सामाजिक फिल्में बनाने का मेरा कोई इरादा नहीं है।" शिल्पा के अनुसार सामाजिक विषय पर बनी 'तारे जमीन पर' जैसी गिनती की कुछ ही फिल्में दर्शकों को लुभा पाई हैं। वे कहती हैं कि उनकी फिल्मों में से 'लाइफ..इन ए मैट्रो' को सराहा गया, लेकिन एड्स पर बनी 'फिर मिलेंगे' न तो व्यावसायिक रूप से ही कुछ बेहतर कर पाईं और न ही कोई पुरस्कार ही जीत पाई, जो सचमुच दुखद है।
ब्रिटेन में ग्लोबल डाइवर्सिटी अवार्ड पा चुकीं शिल्पा को वहां की लीड्स मेट्रोपोलिटन यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया है। इससे पहले इस यूनिवर्सिटी ने अमिताभ बच्चन, यश चोपड़ा और शबाना आजमी को भी डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया था।

शाहरुख और अक्षय कुमार में टक्कर


इस बार आपकी दीवाली आतिशबाजियों के साथ कुछ और धमाकेदार होने वाली है। यह बात साफ हो गई है कि सलमान खान की फिल्म ‘युवराज’ इस साल दीवाली के मौके पर प्रदर्शित नहीं होगी, वहीं शाहरुख खान की फिल्म ‘बिल्‍लो बार्बर’ दीवाली पर ही रिलीज होगी चूंकि 24 अक्टूबर को और कोई दूसरी बड़ी फिल्म रिलीज नहीं होने वाली थी, तो इस दिन प्रदर्शित होने वाली फिल्म ‘बिल्‍लो बार्बर’ और शाहरुख खान के लिए यह राहत की बात थी। लेकिन अब शायद ऐसा नहीं होगा।दीवाली के मौके पर इस बार शाहरुख खान को टक्कर देते नजर आएंगे अभिनेता की फिल्म ‘चांदनी चौक टू चाइना’ पहले 29 अक्टूबर को रिलीज होने वाली थी। अब रोहन सिप्पी, निखिल आडवाणी और वार्नर ब्रदर्स ने अपनी राय बदलते हुए इस फिल्म को दीवाली के मौके पर ही प्रदर्शित करने का फैसला लिया है। इस बार दीवाली के साथ-साथ सिने प्रेमियों को दो फिल्‍में ‘बिल्‍लो बार्बर’ और ‘चांदनी चौक टू चाइना’ का एक साथ लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा। ऐसे में अब शाहरुख और अक्षय कुमार अपनी फिल्मों के लिए ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाते नजर आएंगे।

विश्वास मत के दौरान एनडीए को करारा झटका

सदन में विश्वास मत के दौरान एनडीए को करारा झटका लगा है। 169 सदस्यों वाले एनडीए के कुल 14 सांसद ऐसे हैं जिनकी वजह से विपक्ष एकजुट नहीं रह सका। इनमें से आठ सांसद भाजपा के हैं, जिनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए भाजपा संसदीय दल ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इनके नामों को छांट लिया गया है। चीफ व्हिप सांसद संतोष गंगवार के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष को इनके नाम सौंप दिए जाएंगे।
भाजपा के इन पांच बागी सांसदों में से एक उत्तर प्रदेश के बृज भूषण सरन सिंह हैं, जो पहले ही बगावत का ऐलान कर चुके हैं। दूसरे गुजरात के सोमा भाई पटेल हैं। जो कि मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से विवादों के चलते भाजपा के खिलाफ खड़े हो गए हैं। भाजपा को सबसे बड़ा झटका कर्नाटक में लगा है, जहां के तीन पार्टी संासदों ने एक साथ बगावत कर दी। यह हैं-मनोरमा माधवराज, एचटी संागिल्यिान और मंजूनाथ कुल्लू। इन पांच सांसदों ने संसद में सरकार के पक्ष में मतदान किया।
इसके अलावा तीन सांसद ऐसे हैं जिन्होंने गैरहाजिर होकर सरकार का परोक्ष में साथ दिया। इनमें से एक गुजरात के बाबू भाई कटारा हैं, यह वही सांसद हैं जो कि पिछले दिनों कबूतरबाजी के चक्कर में फंसे थे। दूसरे मध्य प्रदेश के चंद्रभान सिंह व तीसरे महाराष्ट्र के हरिभाऊ राठौर हैं। जो कि गैरहाजिर रहे। इस तरह से भाजपा को कुल आठ सांसदों का नुकसान हुआ है। कर्नाटक के एक सांसद श्रीकांत टप्पा गंभीर बीमारी के कारण नहीं आ सके।
भाजपा के अलावा एनडीए के अन्य सहयोगी दलों में भी सेंध लगी। इनमें से अकाली दल, शिवसेना व बीजू जनता दल के एक-एक सांसद पाले से खिसक गए। जबकि जनता दल यू के दो सांसदों ने एनडीए से बगावत की।
भाजपा के चीफ व्हिप सांसद संतोष गंगवार ने बताया कि भाजपा के व्हिप का उल्लंघन करने वाले सांसदों के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को लिखकर दिया जा रहा है, इनकी सदस्यता समाप्त की जाएगी।

Monday, July 21, 2008

अब छठी गेंद पर काम कर रहा हूँ : अजंता मेंडिस

एशिया कप में बल्लेबाजों को चकमा देकर चर्चा में आए श्रीलंका के रहस्यमयी स्पिनर अजंता मेंडिस ने टेस्ट श्रृंखला से पहले भारतीय बल्लेबाजों को बैकफुट पर भेजने की कवायद शुरू करते हुए खुलासा किया कि अपनी गेंदबाजी में अधिक विविधता लाने के लिए वह एक नई गेंद पर काम कर रहे हैं। मेंडिस ने पत्रकारों से कहा मैं इस खेल (टेस्ट) में नया हूँ। मैं अभी पाँच अलग-अलग तरह की गेंद कर सकता हूँ और अब छठी गेंद पर काम कर रहा हूँ।मेंडिस ने कहा कि वह केवल सही जगह पर गेंदबाजी करने पर ध्यान देते हैं और अपने आदर्श मुथैया मुरलीधरन के साथ मिलकर 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भारतीय बल्लेबाजों को गेंदबाजी करने को लेकर उत्साहित हैं। इस 23 वर्षीय गेंदबाज ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि मुरली मेरे आदर्श हैं और मैं उनके साथ गेंदबाजी करना चाहता हूँ। यह मेरे लिए शानदार अवसर होगा। मैं सही जगह पर गेंदबाजी करना चाहता हूँ। मेंडिस को अंग्रेजी नहीं आती इसलिए उन्होंने सिंहलीज में अपनी बात कही और श्रीलंका क्रिकेट के अध्यक्ष अर्जुन रणतुंगा ने दुभाषिए की भूमिका निभाई।

आमिर की नायिका बनना है मल्लिका को

आमिर खान की नायिका बनना हर नायिका का सपना रहता है। आमिर बेहद कम फिल्म करते हैं, इसलिए ज्यादातर नायिकाओं को उनके साथ काम करने का अवसर ही नहीं मिल पाता। पिछले दिनों मल्लिका शेरावत से पूछा गया कि बॉलीवुड के वर्तमान नायकों में से किसके साथ काम करने का उनका सपना है, तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया ‘आमिर।‘ फिलहाल तो मल्लिका राहुल बोस और रणवीर शौरी जैसे कलाकारों की नायिका बन रही हैं, जो स्टार नहीं हैं।बड़े स्टार्स ने मल्लिका से दूरी बना रखी है। क्यों? यह खुद मल्लिका को भी नहीं पता। मल्लिका का सपना हकीकत बनेगा या सपना ही रहेगा, इसका जवाब तो बस आमिर जानते हैं।

बॉलीवुड दो फाड़ में


कोई सोच भी नहीं सकता था कि बालीवुड अभिनेत्री कैटरीना कैफ की फिल्मी सितारों से भरी जन्मदिन पार्टी में हिंदी सिनेमा के दो सितारों, सलमान खान और शाहरुख खान के झगड़े की वजह से इंडस्ट्री दो खेमों में बंट जाएगी।
प्रेमिका कैटरीना की जन्मदिन पार्टी के दौरान 16 जुलाई को सलमान खान और शाहरुख खान के बीच वाकयुद्ध हो गया, जो बाद में इतना बढ़ गया कि फिल्म इंडस्ट्री ही दो खेमों में बंटी नजर आने लगी।
सूत्रों के अनुसार सलमान ने शाहरुख से कहा कि उनके टेलीविजन क्विज शो दस का दम को शाहरुख के शो क्या आप पांचवीं पास से तेज हैं? से बेहतर टीआरपी मिल रही हैं। सलमान ने शाहरुख से यह भी कहा कि सुपरस्टार होने के बावजूद वे अपने शो को हिट नहीं बना पाए।
इन सारी बातों पर शाहरुख ने तत्काल तो कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन बाद में उन्होंने सलमान की पूर्व प्रेमिका ऐश्वर्या राय को लेकर उन्हें कुछ फब्तियां कस दीं। पार्टी के दौरान यह सब देर रात हुआ, जब ज्यादातर मेहमान पार्टी छोड़कर जा चुके थे।
आमिर खान ने हालांकि सलमान और शाहरुख के बीच के इस विवाद को सुलझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दोनों में से कोई भी मामले को खत्म करने के इच्छुक नहीं दिखे। दोनों ही कलाकारों के शुभचिंतकों का साथ मिलने से इंडस्ट्री दो खेमों में बंटी नजर आने लगी।
सलमान की पुरानी दोस्त करीना कपूर, अक्षय खन्ना, फरदीन खान और जाएद खान ने उनका साथ दिया। नई पीढ़ी के कलाकारों में से सांवरिया में सलमान के साथ काम कर चुके अभिनेता रणबीर कपूर ने भी खेमेबाजी में सलमान का साथ दिया।
दूसरी ओर, महान निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा और जावेद अख्तर ने शाहरुख को पास बुलाकर मामले को गहराई से जानने की कोशिश की। करण जौहर, साजिद खान और फरहान अख्तर सहित कुणाल कोहली ने भी शाहरुख से सहानुभूति जताई।
जहां अभिनेताओं को सलमान का साथ देते हुए देखा गया, वहीं सभी निर्देशकों ने शाहरुख का साथ दिया। सितारों से भरी कैटरीना कैफ की इस जन्मदिन पार्टी में आमिर खान, करीना कपूर, सैफ अली खान, करण जौहर, राजकुमार संतोषी, कुणाल कोहली, सलीम खान, सोहैल खान, अरबाज खान, निखिल आडवाणी, प्रकाश झा, डेविड धवन, अनीस बज्मी और मनमोहन शेट्टी भी मौजूद थे।

Thursday, July 17, 2008

इंतजार 22 जुलाई का, 'अपनों' से ही खतरा

लेफ्ट पार्टियों की समर्थन वापसी के बाद बहुमत साबित करने को लेकर एक समय आश्वस्त दिख रहा यूपीए अब घबराहट में है। जैसे-जैसे शक्ति परीक्षण की तारीख 22 जुलाई नज़दीक आती जा रही है कांग्रेस के लिए अपने घर से ही मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दूसरी तरफ शिबू सोरेन और अजित सिंह ने भी समर्थन का अब तक कोई आश्वासन नहीं दिया है। दोनों ही क्षत्रप कोई भी वादा करने से पहले नफा-नुकसान का पूरी तरह से आकलन कर लेना चाहते हैं। कांग्रेस की मुश्किल यह है कि वह सरकार बचाने के लिए छोटी-छोटी पार्टियों और निर्दलीयों पर डोरे डाल रही है लेकिन उसके ' घर ' से ही लोग छिटक रहे हैं। भिवानी से कांग्रेस के निलंबित सांसद कुलदीप विश्नोई पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वह किसी भी कीमत पर विश्वास मत के दौरान सरकार के साथ वोट नहीं करेंगे। अब कर्नाटक से भी पार्टी के चार सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं और पूरी ' कीमत ' मिलने पर सरकार के खिलाफ वोट कर सकते हैं। ये हैं- चिकबल्लापुर के सांसद आर.एल. जलप्पा , मंड्या के सांसद एम.एच.अंबरीश , कनकपुरा की सांसद तेजस्विनी गौड़ा और कोप्पल से के. वीरूपाकशप्पा। जलप्पा के बेटे और डोडाबल्लापुर से कांग्रेस के विधायक रहे जे. नरसिम्हा स्वामी 10 दिन पहले ही पार्टी और विधानसभा से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। नरसिम्हा स्वामी अब इसी सीट से बीजेपी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। कर्नाटक में पार्टी को गच्चा देने के लिए तैयार बैठे चारों सांसद बीजेपी से अगले लोकसभा चुनाव में टिकट का स्पष्ट आश्वसन चाहते हैं। बीजेपी के लिए अच्छी स्थिति यह है कि इन चारों ही इलाकों में न तो उसका खास जनाधार है और न ही कोई बड़ा नेता। असम के बरपेटा से सांसद ए. एफ. गुलाम उस्मानी के बारे में भी कहा जा रहा है कि वह अंतिम समय में पार्टी को धोखा दे सकते हैं लेकिन उन्होंने साफ किया है कि वह सरकार के पक्ष में ही वोट डालेंगे। उन्होंने एक स्थानीय दैनिक से कहा कि मैं मुख्यमंत्री तरुण गगोई का विरोधी हूं , इसलिए यह बात फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह 19 तारीख को दिल्ली पहुंच रहे हैं और सोनिया गांधी के सामने अपनी बात रखेंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास वीरप्पा मोइली और प्रणव मुखर्जी का फोन आया था और उन्होंने उन्हें आश्वस्त कर दिया है कि वह पार्टी और सरकार के साथ हैं। इस उलझे हुए गणित में जिस आदमी की सबसे ज़्यादा अहमियत है वह हैं पांच सांसदों वाली पार्टी जेएमएम के मुखिया शिबू सोरेन। लिहाज़ा दोनों खेमों से उन्हें अपने पाले में लाए जाने की पुरज़ोर कोशिश चल रही है। सूत्रों के अनुसार यूपीए ने जेएमएम के मुखिया शिबू सोरेन को कोयला मंत्रालय के अलावा उनकी पार्टी के एक और सांसद को राज्यमंत्री बनाने की पेशकश की है। दूसरी तरफ बीजेपी ने उन्हें विश्वास मत के दौरान एनडीए के साथ वोट करने पर झारखंड में मुख्यमंत्री बनाने की पेशकश की है। गौरतलब है कि झारखंड में एनडीए के 35 और जेएमएम के 17 विधायक हैं। जबकि सरकार बनाने के लिए 41 विधायक ही चाहिए। साफ है कि शिबू सोरेन के दोनों हाथों में लड्डू हैं और वह कोई भी फैसला करने से पहले स्थिति का आकलन कर लेना चाहते हैं। सोरेन के मन में यह बात चल रही होगी कि अगर उनकी पार्टी के वोटों के बाद भी यूपीए सरकार विश्वास मत में हार गई तो उन्हें कुछ भी नहीं मिलेगा। सोरेन 18 जुलाई को दिल्ली पहुंच रहे हैं और उसके बाद ही कोई फैसला लेंगे। आरएलडी के तीन सांसदों के समर्थन के लिए कांग्रेस ने अजित सिंह के सामने लखनऊ के अमौसी एअरपोर्ट का नाम बदलकर स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा है , पर इससे भी उनका दिल नहीं पसीजा है। अजित सिंह ने गुरुवार को कहा , ' विश्वास प्रस्ताव की स्थिति परमाणु करार को लेकर ज़रूर बनी , लेकिन आज इसका स्थान आने वाले चुनाव ने ले लिया है। हम इन सभी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद कोई फैसला करेंगे। ' साफ है कि छोटे चौधरी के दिमाग में अगला लोकसभा चुनाव है और वह कोई भी फैसला इसी आधार पर करेंगे। सरकार बचाने के लिए कांग्रेस की उम्मीदें अब भी वीरेंद्र कुमार को छोड़कर जेडी (एस) के 2 , नैशनल कॉन्फ्रंस के 2 के अलावा एक-एक सदस्यों वाली तृणमूल कांग्रेस , मिजो नैशनल फ्रंट , नगालैंड पीपल्स फ्रंट , एआईएमआईएम और 4 निर्दलीय सांसदों पर टिकी हैं। इन तमाम आकलनों के बावजूद 22 जुलाई को जब सस्पेंस पर से पर्दा उठेगा तो चौंकाना वाला नतीजा सामने आ सकता है। क्योंकि किसी का कोई पाला बदलेगा तो कोई वोट के वक्त गैरहाज़िर होगा। न केवल सांसद बल्कि पार्टियां भी अंतिम समय में पाला बदल सकती हैं।

पड़ोसी से परेशान : अंतरा

‘कंपनी’, ‘रोड़’ और ‘नाच’ जैसी फिल्‍मों में काम कर चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री अंतरा माली इन दिनों अपने एक पड़ोसी से बेहद परेशान हैं।अंतरा ने अपने पड़ोसी 65 वर्षीय बेंजामिन डिसूजा पर आरोप लगाया है कि वे उनकी छवि खराब कर रहे हैं। डिसूजा पर आरोप हैं कि वे अंतरा माली की तस्‍वीरों पर अश्‍लील बातें लिखकर पूरी कॉलोनी में बांटते हैं।पहले इस मामले की शिकायत माहिम पुलिस स्‍टेशन में दर्ज की गई थी। आरोपी बेंजामिन को अदालत से बर्ताव सुधारने की हिदायत के साथ जमानत भी मिल गई है।

Wednesday, July 16, 2008

सेलिना का आयटम डांस


सेलिना जेटली इन दिनों ऐसा काम कर रही हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया। आश्चर्य की बात है कि इस सेक्सी नायिका को कभी किसी निर्माता या निर्देशक ने आयटम नंबर करवाने की नहीं सोची। सेलिना बालाजी मोशन पिक्चर्स की फिल्म ‘सी कंपनी’ में आयटम नंबकर करती हुई दिखाई देंगी। यह एक पंजाबी नंबर होगा, जिसे आनंदराज आनंद ने संगीतबद्ध और गाया है। सेलिना की पंजाबी नंबर करने की अरसे से इच्छा भी थी जो अब पूरी हो रही है। एकता कपूर द्वारा निर्मित इस फिल्म में उनके भाई तुषार कपूर के अलावा रायमा सेन, मिथुन चक्रवर्ती, राजपाल यादव और अनुपम खेर ने प्रमुख भूमिकाएँ निभाई हैं। फिल्म जल्दी ही प्रदर्शित होने वाली है।

बदला लेंगे : दादा

टीम इंडिया के पूर्व कैप्टन सौरभ गांगुली ने कहा है कि टीम इंडिया श्रीलंका को उसी की धरती पर शिकस्त देकर एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में मिली हार का बदला लेने को बेकरार है। गांगुली ने कहा, 'हमें पूरा विश्वास है कि हम जीत के साथ स्वदेश रवाना होंगे। हमारे खिलाड़ी एशिया कप में मिली हार का बदला लेने को बेकरार हैं।' बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज गांगुली ने 2001 में श्रीलंका के हाथों टेस्ट सीरीज़ में मिली हार के बारे में याद दिलाने पर कहा कि वह पिछले रेकॉर्ड को अधिक तवज्जो नहीं देते हैं। उन्होंने कहा, 'पिछला रेकॉर्ड कोई मायने नहीं रखता है। हमारे पास अच्छी टीम है, जिसने हर टीम के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया है, इसलिए हमें यहां जीत का पूरा विश्वास है।' भारत को श्रीलंका में तीन टेस्ट और पांच वन डे खेलने हैं।' पहला टेस्ट 23 जुलाई से शुरू होगा। टीम इंडिया शुक्रवार से श्रीलंका बोर्ड एकादश के साथ यहां एनसीसी स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड में तीन दिन का एक प्रैक्टिस मैच खेलेगी।

जंबो की लंका में जंग

भारत का श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट रेकॉर्ड हालांकि काफी शानदार है। लेकिन भारत ने 2001 में श्रीलंका के पिछले दौरे में टेस्ट सीरीज़ गंवा दी थी। श्रीलंका की टीम इस समय जिस मजबूती के साथ खेल रही है उसे देखते हुए यह सवाल उठा खड़ा हुआ है कि अनिल कुंबले के अगुवाई में टीम इंडिया क्या इस बार श्रीलंका जंग जीत पाएगी? भारत का यह पांचवां श्रीलंका दौरा है, इन पांचों दौरों में हर बार भारत टीम की कप्तानी अलग-अलग हाथों में रही है। कुंबले से पहले श्रीलंका के दौरों में कपिल देव, मोहम्मद अजहरूद्दीन. सचिन तेंडुलकर और सौरभ गांगुली ने भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी। भारतीय टीम श्रीलंका में तीन टेस्टों की सीरीज़ खेलने के लिए मंगलवार को रवाना हो गई है। भारत ने पहली बार 1985 में वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल के नेतृत्व में श्रीलंका का दौरा किया था। तब श्रीलंका के कप्तान दिलीप मेंडिस थे। श्रीलंका ने सभी पूर्वानुमानों को झुठलाते हुए तीन टेस्टों की यह सीरीज़ 1-0 से जीतकर सभी को चौंका दिया था। इसके आठ साल बाद भारत ने करिश्माई बल्लेबाज अजहरूद्दीन की कप्तानी में 1993 में श्रीलंका का दौरा किया। उस समय श्रीलंका के कप्तान अर्जुन रणातुंगा थे। भारत ने तीन टेस्टों की यह सीरीज़ 1-0 से जीती थी। भारत ने तीसरी बार 1997 में जब श्रीलंका का दौरा किया तो भारतीय टीम की कप्तानी मास्टर ब्लास्टर सचिन के हाथ में थी। इस सीरीज़ में श्रीलंका के कप्तान फिर से रणातुंगा थे। रणातुंगा इससे एक साल पहले 1996 में अपनी कप्तानी में श्रीलंका को पहली बार वर्ल्ड कप दिला चुके थे। दो टेस्टों की यह सीरीज़ ड्रॉ रही थी। भारत ने अगला दौरा कप्तान गांगुली की अगुवाई में किया। इस सीरीज़ में श्रीलंका के कप्तान सनत जयसूर्या थे। श्रीलंका ने तीन टेस्टों की यह सीरीज़ 2-1 से जीतकर भारत को करारा झटका दिया था। भारतीय टीम कुंबले के नेतृत्व में पांचवीं बार श्रीलंका के दौरे पर रवाना हुई है। कुंबले ने श्रीलंका दौरे पर रवाना होने से पहले विश्वास व्यक्त किया था कि टीम इंडिया इस दौरे में तीन टेस्टों की सीरीज़ में विजयी होगी।

Sunday, June 29, 2008

सुष्मिता छोटे पर्दे पर

सुष्मिता के बारे में चर्चा चल रही है। उनके चाहने वालों को चिंता हो रही हैं कि आखिर एक्स मिस यूनिवर्स कहां हैं ? गौरतलब है कि पिछले दिनों अपनी पहली होम प्रॉडक्शन फिल्म रानी लक्ष्मीबाई अनाउंस करने के बाद सुष्मिता गायब चल रही हैं। ऐसे में अगर आप सोच रहे हैं कि सुष्मिता ने संन्यास ले लिया है , तो आपकी सोच बिल्कुल गलत है। खबर है कि उन्होंने अब छोटे पर्दे का रुख कर लिया है। वह जल्द ही एक रीयलिटी शो की जज बन कर सामने आने वाली हैं। यह एक डांस रीयलिटी शो होगा। इस शो में सुष के साथ पाकिस्तान के जाने - माने पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम भी मौजूद होंगे। इस शो का सबसे खास पहलू इसमें भाग लेने वाले होंगे। पहले शो में 6 क्रिकेटर और 6 ऐक्ट्रेस साथ डांस करते नजर आएंगे। शो के प्रॉडक्शन से जुड़े सूत्रों ने बताया , ' यह शो जुलाई के दूसरे हफ्ते में नए चैनल ' कलर्स ' पर ऑन एयर होगा। गौरतलब है कि यही चैनल अक्षय कुमार का बहुचर्चित रीयलिटी शो ' खतरों का खिलाड़ी ' भी प्रसारित करेगा। सुष्मिता जल्द ही इसके लिए शूटिंग शुरू करने वाली हैं। हमारे शो में बैट्समैन रोहित शर्मा , विकेटकीपर दिनेश कार्तिक और फॉस्ट बॉलर इंशात शर्मा जैसे क्रिकेटर दिखाई देंगे। ' अभी तक दर्शक रीयलिटी शो के जजों के रूप में अनु मलिक , फराह खान , करण जौहर , मधुर भंडारकर और सोनाली बेंद्रे जैसे सितारों को देख चुके हैं , लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है जब सुष्मिता किसी डांस रीयलिटी शो की जज बन कर आ रही हैं

सचिन दूसरे पायदान पर

मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान से बाहर बैठे सचिन तेंडुलकर आईसीसी वन डे रैंकिंग में एक पायदान ऊपर चढ़कर दूसरे नंबर पहुंच गए हैं, जबकि मौजूदा एशिया कप में दो नॉटआउट पारी खेलने वाले महेंद्र सिंह धोनी ने पांच पायदान की छलांग लगाकर चौथे नंबर पर जगह बनाई है। तेंडुलकर के 758 पॉइंट्स हैं और वह साउथ अफ्रीकी कप्तान ग्रेम स्मिथ (792 पॉइंट्स) से ही पीछे हैं। एशिया कप में अब तक 135 रन बनाने वाले धोनी 750 पॉइंट्स के साथ ऑस्ट्रेलियाई रिकी पॉन्टिंग और माइक हसी के साथ चौथे स्थान पर हैं। टॉप 20 में शामिल दूसरे भारतीयों में युवराज सिंह 14वें और गौतम गंभीर 20वें पायदान पर हैं।

Saturday, June 28, 2008

मैं रेखा के साथ काम नही कर रहा हूं


बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने उन सभी रिपोर्टो को खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वे और अभिनेत्री रेखा डिज्नी द्वारा बनाई जा रही फिल्म मर्म योगी में साथ काम कर रहे हैं।
अमिताभ ने बताया, मुझे नहीं मालूम कि आप लोग किस फिल्म के बारे में बात कर रहें हैं, यह एकदम बकवास है। यह कहकर अमिताभ ने इस तरह की सभी अफवाहों पर पूर्ण विराम लगा दिया है।
गौरतलब है कि फिल्म दो अनजाने और सिलसिला में शानदार अभिनय से दर्शकों को चमत्कृत करने वाले इन दोनों कलाकारों को एक साथ देखना अब लगभग असंभव हो गया है।

Friday, June 27, 2008

दादा एशिया का दादा

पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली को टीम इंडिया में शानदार वापसी करने के लिए कैस्ट्रॉल एशियन क्रिकेट अवॉर्ड में एशियन क्रिकेटर और बेस्ट बल्लेबाज़ आंका गया। सचिन तेंडुलकर बेस्ट बैट्समेन, जबकि गौतम गंभीर को यह सम्मान टी-20 के लिए दिया गया। श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज़ कुमार संगकारा को बेस्ट टेस्ट बैट्समैन के अवॉर्ड के लिए चुना गया, जबकि उनके हमवतन फरवेज़ महरूफ को वनडे का सर्वश्रेष्ठ एशियाई गेंदबाज़ आंका गया। पाकिस्तान के उमर गुल टी-20 के बेस्ट बोलर चुने गए। श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन को सर्वश्रेष्ठ बोलर चुना गया है। लेकिन सबसे हैरानी वाली बात खराब फॉर्म की वजह से एशिया कप के लिए पाकिस्तानी टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे कामरान अकमल को बेस्ट फील्डर के पुरस्कार के लिए चुना जाना रहा। पाकिस्तान के पूर्व पेसर वसीम अकरम ने कहा कि अकमल का पिछले दो साल के समूचे प्रदर्शन के आधार पर चयन किया है। अकरम ने ही श्रीलंकाई बल्लेबाज़ सनत जयसूर्या और पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ के साथ विजेताओं को चुना है। गांगुली समारोह में मौजूद नहीं थे, लिहाज़ा उनकी पत्नी डोना यह पुरस्कार ग्रहण किया। डोना ने कहा, 'मुझे उनकी पत्नी होने पर गर्व और खुशी है। मुझे नहीं लगता है कि उन्हें खुद को साबित करने के लिए अब कड़ी मेहनत की दरकार है। लेकिन उन्होंने साबित कर दिया है और जब वह कुछ हासिल करना चाहते हैं, तो उसे पा लेते हैं। लिहाज़ ये पुरस्कार मुझे उनकी पत्नी होने पर गर्व की अनुभूति करवाते हैं।' बहरहाल, डोना ने इस पुरस्कार को 2006 में गांगुली को टीम इंडिया से निकाले जाने और कप्तानी से हटाए जाने की भरपाई मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैं इसे उस तरीके से नहीं देख रही हूं। मैं सिर्फ यह जानती हूं कि वह जो भी चाहते हैं, उसे पा लेते हैं।' पाकिस्तान के मोहम्मद हनीफ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया।

Thursday, June 26, 2008

मैं बिपाशा से शादी करना चाहता हूं


मियामी में करण जौहर की फिल्म दोस्ताना के कुछ दृश्यों की शूटिंग करने के बाद जॉन अब्राहम मुंबई लौट आए हैं। यहां पत्रकारों से भेंट होते ही उन्हें हमेशा की तरह बिपाशा से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा। लेकिन इस बार जान ने जवाब थोड़े अलग अंदाज में दिया।
जॉन अब्राहम ने कहा कि मेरे और बिपाशा के बारे में काफी कुछ कहा-लिखा जा चुका है। मैं बस इतना ही कहूंगा कि मैं बिपाशा से शादी करना चाहता हूं और भविष्य में उसके बच्चों का पिता बनना चाहता हूं। लेकिन फिलहाल हम दोनों अपने-अपने करियर पर ध्यान दे रहे हैं। इस तरह जॉन ने बिपाशा के साथ अपने संबंधों में दरार की तमाम अटकलों को झटके में खारिज कर दिया।
जॉन ने कहा कि बिपाश पर्दे पर भले ही बेहद सेक्सी दिखती हों, लेकिन वैसे वह बेहद साधारण, आत्मविश्वासी और समझदार हैं। जॉन ने कहा कि बिपाशा एक सुघड़ गृहिणी साबित होंगी। जॉन ने परोक्ष रूप से मीडिया को भी आड़े हाथों ले ही लिया। उन्होंने कहा कि हर सुबह मैं और बिपाशा अखबारों में अपने बारे में लिखी गई बातें पढ़ते हैं और यही सोचते हैं कि मीडिया को हमारे बारे में इस तरह नहीं लिखना चाहिए था। लेकिन फिर हम दोनों इस बारे में बेफिक्र भी हो जाते हैं।

कराची में सहवाग का तूफान


टीम इंडिया ने कुछ दिन पहले ढाका में ट्राई सीरीज के फाइनल में पाकिस्तान के हाथों मिली हार का मुकम्मल बदला कराची में ले लिया है। टीम इंडिया ने पाकिस्तानी बोलिंग अटैक की धज्जियां उड़ाते हुए महज 42.1 ओवर में चार विकेट खोकर 301 रन बना लिए। टीम इंडिया को जीत कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शानदार सिक्सर से मिली। इससे पहले गौतम गंभीर के जल्द आउट होने के बाद नंबर तीन पर बैटिंग करने भेजे गए सुरेश रैना ने धोनी को निराश नहीं किया और ओपनर वीरेंद्र सहवाग के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 198 रनों की पार्टरनशिप कर पाकिस्तानी मंसूबों पर पानी फेर दिया। चौथे विकेट के रूप में युवराज सिंह 48 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें सोहेल तनवीर ने आउट किया। सहवाग कराची में जीत के लिए 300 रन का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने तीसरा विकेट खो दिया है, सहवाग 95 गेंदों में 119 रन की ताबड़तोड़ पारी खेल कर आउट हुए। दूसरे विकेट के रूप में सुरेश रैना आउट हुए। सुरेश ने 69 गेंदों में 84 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्हें इफ्तिखार की गेंद पर फवाद ने आसान सा कैच लेकर पविलियन लौटाया। गौतम गंभीर के आउट होने के बाद वीरेंद्र सहवाग और सुरेश रैना जबर्दस्त बैटिंग का मुजाहिरा किया और पाकिस्तानी बोलिंग को चित कर दिया। टीम इंडिया ने तीसरे ओवर में ही पहला विकेट गंवा दिया था। गंभीर 9 रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले कैप्टन शोएब मलिक की जबर्दस्त सेंचुरी की बदौलत पाकिस्तान ने निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट खोकर 299 रन बनाए और भारत के सामने जीत के लिए 300 रन का टारगेट रखा। टॉस जीत कर पाकिस्तान ने जब बैटिंग शुरू की तो उनकी रन बनाने की रफ्तार काफी धीमी थी लेकिन दोनों ओपनर्स ने अपने-अपने विकेट संभालकर रखे। फिर कैप्टन शोएब मलिक ने हाथ खोलकर शॉट लगाने शुरू कर दिए और जल्द ही स्कोर रेट बढ़ा दिया। दूसरे विकेट के लिए शोएब और यूनुस ने जबरदस्त साझेदारी की। एक ओर विकेट भी नहीं गिरने दिया साथ ही रनों की रफ्तार भी बनी रही। लेकिन इसी बीच शोएब को उनके क्रैंप्स ने परेशान करना शुरू कर दिया और आखिरकार शोएब मलिक को रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। शोएब 125 रन बना कर भारी मन से मैदान से बाहर चले गए। उनके जाते ही यूनुस भी आउट हो गए। यूनुस ने 59 रन बनाए। इससे पहले पाकिस्तान ने सलमान बट (35 रन) के रूप में पहला विकेट गंवाया, वह चावला का शिकार बने। मोहम्मद यूसुफ 30 रन बनाकर रनआउट हुए। शाहिद अफरीदी से आतिशी पारी की उम्मीद थी लेकिन उन्हें 8 रन के स्कोर पर आर. पी. सिंह ने चलता कर दिया। मिस्बा-उल-हक ने 26 गेंदों में 30 रन बनाकर तेज रन बनाए आखिरकार पाकिस्तान ने 50 ओवरों में 299 रन बना लिए।

Wednesday, June 25, 2008

विद्या ने मारे झटके


लगे रहो मुन्नाभाई से कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंचने वाली विद्या बालन की पहचान एक संजीदा अभिनेत्री के रूप में है। लेकिन फिल्म किस्मत कनेक्शन के सेट पर विद्या कुछ अलग तरह का धमाल करती नजर आई। उन्होंने यूनिट के लोगों को जो झटके दिए, उसे वे शायद ही कभी भूल पाएंगे। विद्या ने ये झटके अपनी शोख अदाओं से नहीं, बल्कि एक इलेक्ट्रिक पेन से दिए।
विद्या के हाथ एक इलेक्ट्रिक पेन क्या लगा, उन्हें एक दिलचस्प ख्याल आया। उन्होंने डायरेक्टर की कलम को इस इलेक्ट्रिक पेन से बदल दिया। अब जब भी कोई कुछ लिखने के लिए कलम उठाता जाता तो पेन अपनी करामात दिखा देता। ऐसे में कई लोगों को बिजली का मामूली झटका खाना पड़ा। विद्या व उनके उन साथियों, जो इस शरारत में साझीदार थे, ने खूब मजा लिया।
विद्या कहती हैं कि कोई सोच भी नहीं सकता कि पेन छूने से करंट लग सकता है, लेकिन मेरी कलम ने रोज कम से कम पांच लोगों को झटके दिए। फिल्म में उनके जोड़ीदार शाहिद को झटके लगने की बात पर विद्या कहती हैं कि वह भी कम शैतान नहीं है। उनका निशाना हमारे ट्रेनर अब्बास होते थे। वह अपने साथ हवा भरा बैग लेकर आते थे। जैसे ही वह बैठने को होते, शाहिद उनके नीचे वही बैग रख देते थे। फटाक की आवाज से अब्बास तो परेशान हो जाते थे लेकिन बाकी लोगों को हंसने का बहाना मिल जाता था।

पाकिस्तान को चेताया टीम इंडिया ने

हांगकांग के खिलाफ रनों का अंबार लगाने और नेशनल स्टेडियम की पिच से अच्छी तरह वाकिफ होने के बाद भारतीय टीम अब बृहस्पतिवार को एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण में बल्लेबाजों के दम पर बांग्लादेश में हुई त्रिकोणीय सीरीज में हार का बदला चुकता करने के लिए मैदान पर उतरेगी।
भारतीय बल्लेबाजों ने कमजोर हांगकांग के खिलाफ चार विकेट पर 374 रन का विशाल स्कोर खड़ा करके पाकिस्तानी गेंदबाजों को भी कड़ा संदेश दे दिया है। यह अलग बात है कि उसने यह रन एक कमजोर टीम के खिलाफ बनाए हैं लेकिन पाकिस्तानी कप्तान शोएब मलिक भारत के इस प्रदर्शन से काफी चिंतित हैं और उन्होंने कहा है उनकी प्राथमिकता भारतीय बल्लेबाजों को बड़े स्कोर बनाने से रोकना होगा।
मलिक ने कहा, हमें पूरा विश्वास है कि हम बृहस्पतिवार को जीत दर्ज करके फाइनल में जगह बनाएंगे। भारतीय बल्लेबाजों को बड़े स्कोर बनाने से रोकना महत्वपूर्ण है। भारत इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम है और यदि हम उन्हें हरा देते हैं तो फिर हम एशिया कप जीत सकते हैं। भारत की तरफ से सुरेश रैना और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शतक जड़े जबकि वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ने अच्छी शुरुआत देकर टीम के हौसले बढ़ा दिए हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तानी बल्लेबाजी हांगकांग के खिलाफ शुरुआती मैच में लड़खड़ा गई थी जो उसके लिए चिंता का विषय है।
भारतीय टीम इस महीने के शुरू में बांग्लादेश में त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में पाकिस्तान से हार गया था। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनकी टीम पर इसका दबाव नहीं रहेगा, लेकिन उन्हें बीच के ओवरों में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। हांगकांग के खिलाफ बीच के ओवरों का अच्छा इस्तेमाल करके भारत ने जतला दिया है कि वह अभी अपनी रणनीति को सही तरह से अमल में ला रहा है।

धोनी, रैना और सहवाग ने मचाया धमाल

नैशनल स्टेडियम कराची में टीम इंडिया ने हॉन्गकॉन्ग को 256 रनों से हराकर एशिया कप 2008 में शानदार आगाज़ किया। 375 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी हॉन्गकॉन्ग की टीम ने टीम इंडिया के सामने सरेंडर कर दिया और पूरी टीम 36.5 ओवर्स में 118 रन बनाकर आउट हो गई। पूरे मैच में हॉन्गकॉन्ग की टीम बैटिंग या बोलिंग किसी भी क्षेत्र में टीम इंडिया को टक्कर देना तो दूर उसके आसपास भी नहीं फटक पाई। बैटिंग में धोनी, रैना और सहवाग ने धमाल मचाया, तो बोलिंग में चावला का जलवा रहा। हॉन्गकॉन्ग की तरफ से इरफान अहमद ने 25, एटकिंस ने 23 और कप्तान तबारक डार ने 21 रन बनाए। इससे पहले नैशनल स्टेडियम कराची में धोनी,रैना, सहवाग और गंभीर ने चौकों व छक्कों की जमकर बरसात की और लोगों का भरपूर एंटरटेनमेंट किया। रैना और धोनी ने धमाकेदार सेंचुरी लगाई। रैना ने 101 और धोनी ने 109 रनों की नॉट आउट पारी खेली। धोनी ने अपनी पारी के दौरान 6 छक्के लगाए तो रैना भला उनसे पीछे क्यों रहते। उन्होंने धोनी से एक अधिक मतलब 7 छक्के लगाए। दोनों ने चौथे विकेट की पार्टनरशिप में 166 रन जोड़े। रॉबिन उथप्पा 15 रन बनाकर नॉट आउट रहे। हॉन्गकॉन्ग की तरफ से नजीब डार ने 2 विकेट लिए। इससे पहले भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीत कर पहले बैटिंग का फैसला किया। भारत की ओर से सहवाग और गंभीर ने ओपनिंग की। दोनों ने तेजी से रन बनाए और भारत को बेहतरीन शुरुआत दी। टीम का स्कोर जब 127 था तभी सहवाग आउट हो गए। उन्होंने सिर्फ 44 बॉल पर 78 रन बनाए। सहवाग ने 13 चौके और 2 शानदार छक्के भी लगाए। इसके बाद गौतम गंभीर आउट हुए। उन्होंने ने भी हाफ सेंचुरी लगाई। गंभीर को भी नजीब डार ने ही पविलियन भेजा। उनके बाद रोहित शर्मा के रूप में भारत का तीसरा विकेट गिरा। वे नदीम अहमद के थ्रो पर आउट हो गए। रोहित ने सिर्फ 11 रन बनाए।

सानिया दूसरे दौर में


भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा तीन सेट के कड़े संघर्ष के बाद मंगलवार को कोलंबिया की कैटलिना कास्टानो को हराकर विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में पहुंच गईं। सानिया ने दो घंटे 16 मिनट तक चले मैच में 7-6, 3-6, 6-4 से जीत दर्ज की। सानिया पिछले साल भी दूसरे दौर तक पहुंची थीं। अब उनका अगला मुकाबला स्पेन की मारिया जोन्स मार्तिनेज सांचेज से होगा। सांचेज ने जर्मनी की मार्टिना मुलर को आसानी से 6-1, 6-1 से हरा दिया। घायल होने के कारण दो महीने तक कोर्ट से बाहर रहने के बाद विंबलडन के अभ्यास टूर्नामेंटों में लचर प्रदर्शन करने वाली 32वीं वरीयता प्राप्त सानिया को कास्टानो की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। पहले सेट में दोनों खिलाडि़यों ने दो-दो ब्रेक पॉइंट लिए जिससे मैच टाईबेकर तक चला गया। सानिया ने यहां अपने अनुभव का अच्छा इस्तेमाल किया और दुनिया में 146 वीं रैंकिंग की कास्टानो से टाईब्रेकर 7-3 से जीतकर एक सेट की बढ़त बनाई। भारतीय स्टार को हालांकि इसके बाद अपनी सर्विस से जूझना पड़ा जिसका कास्टानो ने पूरा फायदा उठाया। सानिया ने दूसरे सेट में एक ब्रेक पॉइंट लिया लेकिन चार डबल फॉल्ट करने के कारण उन्होंने तीन बार अपनी सर्विस गंवाईं। कोलंबियाई खिलाड़ी ने केवल 47 मिनट में यह सेट जीतकर स्कोर बराबर कर दिया। सानिया को तीसरे सेट के बीच में भी कास्टानों के आक्रामक खेल से रू-ब-रू होना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों ने इस सेट के शुरू में ही एक-दूसरे की सर्विस तोड़कर स्कोर बराबर कर दिया। सानिया ने पांचवें गेम में फिर से ब्रेक पॉइंट लिया। इसके बाद उन्होंने अगले गेम में अपनी सर्विस बचाने के अलावा सातवें गेम में फिर से ब्रेक पॉइंट हासिल करके 5-2 की बढ़त बना ली। सानिया जब मैच के लिए सर्विस कर रही थीं तब कास्टनो ने ब्रेक पॉइंट लेकर अपनी उम्मीद बनाए रखी। लेकिन सानिया ने अपनी अगली सविर्स बचाकर मैच में किसी उलटफेर की संभावना नहीं बनने दी। सानिया यदि दूसरे दौर में जीत दर्ज करती हैं तो तीसरे दौर में उनका मुकाबला वीनस विलियम्स से हो सकता है, जिन्होंने पहले दौर में ब्रिटेन की नाओमी कावाडे को 7-5, 6-1 से हराया। सानिया को हालांकि अपनी सर्विस पर मेहनत करनी होगी, क्योंकि कास्टनो के खिलाफ उन्होंने 10 डबल फाल्ट किए जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी ने केवल सात डबल फॉल्ट किए।

Tuesday, June 24, 2008

हॉन्गकॉन्ग को करारी शिकस्त

सोहेल तनवीर ने बैट और बॉल से जोरदार खेल दिखाया

सोहेल तनवीर के शानदार खेल की बदौलत पाकिस्तान ने हॉन्गकॉन्ग को एशिया कप के मुकाबले में 155 रनों से करारी शिकस्त दी है। पाकिस्तान के 288 रनों के जवाब में हॉन्गकॉन्ग की टीम 37.2 ओवर में 133 रनों पर ऑलआउट हो गई। सोहेल तनवीर ने बैट और बॉल से जोरदार खेल दिखाया। पहले संकट में घिरी पाकिस्तानी पारी को अपने बैट से सहारा दिया और फिर बोलिंग करते हुए दो विकेट लिए। हॉन्गकॉन्ग की ओर से कोई भी बैट्समैन अपनी छाप नहीं छोड़ पाया। केवल कप्तान तबराक डार (24 रन) और जैन अब्बास (26 रन) पाकिस्तानी बोलिंग का कुछ हद तक सामना कर पाए। इससे पहले बाएं हाथ के ऑफ स्पिनर नदीम अहमद की बेहतरीन बोलिंग के सामने पाकिस्तानी पारी मुश्किलों में घिर गई थी। परेशानी में फंसे पाकिस्तान को फवाद आलम और सोहेल तनवीर ने हाफ सेंचुरी जमाकर बढ़िया स्कोर तक पहुंचाया। इन्हीं दोनों पारियों की बदौलत पाकिस्तान कमजोर हांगकांग के खिलाफ नौ विकेट पर 288 रन बनाने में कामयाब रहा। पाकिस्तान ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। एक समय पाकिस्तानी टीम का स्कोर सात विकेट पर 161 रन था और उस पर टूर्नामेंट की सबसे कमजोर टीम के सामने 200 से कम स्कोर पर सिमटने का खतरा मंडरा रहा था। यहीं से आठवें विकेट के लिए आलम (नॉटआउट 63) और तनवीर (59) ने 100 रन की पार्टनरशिप करके टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। नैशनल स्टेडियम की पिच स्पिनरों को मदद कर रही थी, जिसका अपना दूसरा मैच खेल रहे नदीम ने पूरा फायदा उठाया। उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से सबसे ज्यादा 67 रन बनाने वाले यूनुस खान, मोहम्मद यूसुफ (28), मिस्बा उल हक (2) और शाहिद अफरीदी (4) जैसे धुरंधर बल्लेबाजों को पविलियन भेजा और कुल 51 रन देकर चार विकेट लिए। पाकिस्तान की शुरुआत ही खराब रही और सलामी बल्लेबाज सलमान बट को अफजाल हैदर ने पहले ओवर में ही आउट कर दिया। तब पाकिस्तानी टीम का खाता भी नहीं खुला था। कप्तान शोएब मलिक (35) और यूनुस ने यहीं से 67 रन की साझेदारी की।

बांग्लादेश का तूफान : संयुक्त अरब अमीरात को हरा दिया

बांग्लादेश ने एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले मैच में संयुक्त अरब अमीरात की टीम को 96 रन से हरा दिया। बांग्लादेश की टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 300 रन बनाए। जवाब में संयुक्त अरब अमीरात की टीम 45.4 ओवर में 204 रन पर ही सिमट गई। संक्षिप्त स्कोर इस प्रकार है- बांग्लादेश 50 ओवर में 8 विकेट पर 300 रन (मोहम्मद अशरफुल 109, रकिबुल हसन 83, तमीम इकबाल ने 40 रन, जेड. शाह ने 49/3 और के. खान ने 78/3)। संयुक्त अरब अमीरात 45.4 ओवर में 204 रन (खुर्रम खान 78, अर्शद अली 41, अब्दुर रज्जाक 20/3, आलोक कपाली 27/2, मेहमुदुल्ला 38/2)।

सचिन-सौरव होड में


सचिन तेंदुलकर और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली पाकिस्तान के कराची में 27 जून को प्रदान किए जाने वाले इस साल के ‘कैस्ट्रॉल एशियाई क्रिकेटर’ पुरस्कारों के सबसे प्रबल दावेदारों में हैं।ऐसा पहली बार होगा जब इस पुरस्कार का आयोजन विशेष रूप से एशियाई खिलाड़ियों के लिए किया जाएगा। दोनों भारतीय खिलाड़ियों का मुकाबला तीन श्रीलंकाई खिलाड़ियों कप्तान महेला जयवर्द्धने, कुमार संगकारा और मुथैया मुरलीधरन से कैस्ट्रॉल क्रिकेट पुरस्कार क्रिकेट के तीनों प्रकार के स्वरूपों टेस्ट, एकदिवसीय और 20-20 में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर प्रदान किया जाएगा। इस पुरस्कार के दावेदारों गेंदबाजों और बल्लेबाजों को कैस्ट्रॉल प्रदर्शन सारिणी के तहत अंक दिए जाएंगे और इन्हीं अंकों के आधार पर पुरस्कार के विजेताओं का चुनाव किया इस पुरस्कार के लिए श्रीलंका, पाकिस्तान और भारत के खिलाड़ी यूनिस खान, मोहम्मद यूसुफ, युवराज सिंह, गौतम गंभीर, मिस्बाह उल-हक, शोएब मलिक, चामिंडा डी सिल्वा और सनथ जयसूर्या शामिल हैं।एशियाई क्रिकेट पुरस्कार के साथ ही कैस्ट्रॉल सर्वश्रेष्ट पाकिस्तानी खिलाड़ी को भी पुरस्कार दिया जाएगा। इस मौके पर पाक के हनीफ मोहम्मद को कैस्ट्रॉल पाक जीवन गौरव पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही इस वर्ष का कैस्ट्रॉल पाक क्रिकेटर और कैस्ट्रॉल जूनियर क्रिकेटर का पुरस्कर भी प्रदान किया जाएगा।

Monday, June 23, 2008

रोजर फेडरर की आसान जीत

रोजर फेडरर ने रिकॉर्ड लगातार छठे खिताब के अपने अभियान की मजबूत शुरुआत करते हुए सोमवार को यहाँ आसान जीत के साथ विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष युगल के दूसरे दौर में जगह बनाई, जबकि सेरेना विलियम्स को जीत के लिए पसीना बहाना पड़ा। स्विस खिलाड़ी फेडरर ने तूफानी अंदाज में शुरुआत की और स्लोवानिया के डोमिनिक हर्बटी को 6-3, 6-2, 6-2 से रौंदने में कोई कसर नहीं छोड़ी। विश्व के नंबर एक खिलाड़ी ने इसके साथ ही ग्रास कोर्ट पर लगातार 60वीं जीत भी दर्ज की। फेंच ओपन के फाइनल में राफेल नडाल से करारी शिकस्त झेलने वाले फेडरर ने इसके साथ दिखा दिया कि ऑल इंग्लैंड क्लब के घसियाले कोर्ट पर आते ही उनका सारा मानसिक दबाव समाप्त हो जाता है, जहाँ वह पिछले छह साल से कोई मैच नहीं हारे हैं। फेडरर ने कहा कि मैंने वास्तव में बहुत अच्छा खेल दिखाया और टूर में अपने सबसे अच्छे साथी के खिलाफ मैंने खेल का पूरा लुत्फ उठाया। शीर्ष वरीयता प्राप्त फेडरर ने इससे पहले हर्बटी के खिलाफ दोनों मैच गँवाए थे, लेकिन इनमें से आखिरी मैच 2004 में खेला गया था, तब स्लोवाकियाई खिलाड़ी की रैंकिंग 12 थी जबकि अभी वह 272वें नंबर पर हैं। केवल 79 मिनट में जीत दर्ज करने वाले फेडरर अगले दौर में स्वीडन के रॉबिन सोडरलिंग से भिड़ेंगे, जिन्होंने अमेरिका के केविन किम को 7-5, 0-6, 6-3, 6-4 से हराया।

बढ़ सकता है महँगाई का आँकड़ा

महँगाई को लेकर सरकार के साथ-साथ अब उद्योग जगत में भी चिंता बढ़ती जा रही है। उद्योग जगत इस बात को लेकर आशंकित है कि आने वाले छह महीनों में महँगाई का आँकड़ा और बढ़ सकता है।महँगाई दर ऊँची बने रहने से ब्याज दरों को लेकर भी उद्योग चिंतित हैं। उनका मानना है कि यदि महँगाई का आँकड़ा इसी तरह उच्च स्तर पर डटा रहा तो ब्याज दरें भी मजबूती के वर्तमान स्तर पर ही टिकी रहेंगी या फिर और बढ़ सकती हैं।उद्योगों का मानना है कि महँगाई का वर्तमान दौर सरकार के मौद्रिक उपायों के दायरे से बाहर की बात है, इसलिए उसे इस पर लगाम लगाने की कवायद की फिर से समीक्षा करनी चाहिए।उल्लेखनीय है कि महँगाई के ताजा आँकड़ों के मुताबिक सात जून को समाप्त सप्ताह में यह एक सप्ताह पहले के 8.75 प्रतिशत से उछलकर 11.05 प्रतिशत पर पहुँच गई। इस स्तर पर महँगाई ने पिछले 13 साल का रिकार्ड तोड़ दिया। एक साल पहले इसी महीने के पहले सप्ताह में यह 4.28 प्रतिशत पर थी।उद्योगों के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री (फिक्की) ने महँगाई पर किए गए ताजा सर्वेक्षण में उद्योगों की यह राय व्यक्त की है। सर्वेक्षण में छोटी-बड़ी 317 कंपनियों ने भाग लिया। यह सर्वे 15 मई से 10 जून के बीच कराया गया। यही वह समय था जब महँगाई का आँकड़ा आठ प्रतिशत की ऊँचाई को भेद रहा था।उद्योगपतियों का मानना है कि महँगाई की ऊँची दर से कारोबार में इसकी सोच गहराती जा रही है और ऐसा माना जा रहा है कि दिसंबर 2008 तक यह सात प्रतिशत से ऊपर ही बनी रहेगी। सर्वेक्षण में कंपनियों ने कहा है कि सरकार को महँगाई को लेकर चौतरफा जो सोच बनी है, उसे समाप्त करना जरूरी बन गया है।

पाक जीत के इरादे से उतरेगा

मेजबान पाकिस्तान एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्‍घाटन मैच में मंगलवार को कमजोर हांगकांग को भारी अंतर से रौंदने के इरादे से उतरेगा। पाकिस्तान के ग्रुप 'बी' के इस मुकाबले में मैच शुरू होने से पहले ही जीत का दावेदार माना जा रहा है। इस ग्रुप की तीसरी टीम भारत है।हाल में ढाका में त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत के खिलाफ खिताबी जीत दर्ज करने से उत्साहित नजर आ रहे पाकिस्तानी कप्तान शोएब मलिक ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा कि घरेलू माहौल का हमें पूरा फायदा मिलेगा। इस उप महाद्वीप में विकेट सभी जगह एक जैसी हैं, इसलिए इस संदर्भ में हमारे लिए फायदे जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन घरेलू समर्थन का हमें निश्चित रूप से फायदा मिलेगा। मलिक के अनुसार वैसे भी हमारे पास एक संतुलित टीम है, जिसमें टूर्नामेंट जीतने की क्षमता है। हांगकांग के कप्तान तबारक डार मूलतः पाकिस्तान के हैं और उनका मानना है कि उनकी टीम अपने ग्रुप के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देने की कोशिश करेगी। डार ने कहा हम पार्ट टाइम क्रिकेटर्स हैं, लेकिन हम यहाँ छुट्टियाँ मनाने नहीं आए हैं। हम किसी भी टीम से शर्मनाक पराजय का सामना नहीं करना चाहते। हम लड़ने की पूरी कोशिश करेंगें। पाकिस्तानी टीम में हालाँकि तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ और शोएब अख्तर नहीं हैं। मलिक ने कहा युवा विकेटकीपर सरफराज अहमद पर भरोसा जताया, जिन्हें अनुभवी कामरान अकमल के स्थान पर टीम में शामिल किया गया है। मलिक ने कहा सरफराज में निचले क्रम में बल्लेबाजी करने की क्षमता है और उन्हें विकेट के पीछे अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिला है।

एशिया कप का आगाज़ आज से

चार साल बाद मंगलवार से शुरू होने जा रहे एशिया कप में महादेश के उम्दा क्रिकेटर पैसों के लिए नहीं बल्कि देश के गौरव के लिए अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। पहले दिन बांग्लादेश का मुकाबला संयुक्त अरब अमीरात से होगा, जबकि मेजबान पाकिस्तान कराची में हांगकांग से भिड़ेगा। छह देशों का यह टूर्नामेंट आखिरी बार 2004 में श्रीलंका में हुआ था लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक रिश्ते खराब होने की वजह से 1983-84 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट का आयोजन अभी तक आठ बार ही हो सका है। इस टूर्नामेंट के साथ ही भारत और पाकिस्तान के बीच पारंपरिक चिर प्रतिद्वंद्विता भी परवान चढ़ेगी, जो बांग्लादेश में हुए त्रिकोणीय सीरीज के दौरान शुरू हुई थी। पाकिस्तान ने तब भारत को फाइनल में शिकस्त देकर खिताब जीत लिया था। एशिया कप की असली लड़ाई भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच है, जबकि हांगकांग और संयुक्त अरब अमीरात के लिए तगड़े प्रतिद्वंद्वियों से रणनीति सीखने का मौका होगा। कुछ अपवाद छोड़ दें, तो बांग्लादेश भी अपने से बड़ी टीमों के सामने हथियार डाल देता है। लिहाजा वह भी अपनी छवि को सुधारने को बेताब होगा और कुछ कड़ी चुनौती देकर उलटफेर करने की कोशिश करेगा। विदेशी टीमों के सुरक्षा कारणों से दौरा करने में आनाकानी करने का जवाब देने के लिए पाकिस्तान चाहेगा कि अगले दो हफ्ते तक सब कुछ ठीक-ठीक चले। पासीबी सितंबर में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारी के तौर पर एशिया कप की मेजबानी करेगा, जिसमें कुछ टीमों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में पहुंची टीम इंडिया ढाई साल बाद पाकिस्तान दौरे पर है, जिसने 2006 में यहां एक टेस्ट सीरीज खेली थी। त्रिकोणीय सीरीज की हार से बौखलाया भारत सिर्फ बदला लेने को आतुर नहीं होगा बल्कि वह खुद को महाद्वीप का पावरहाउस भी साबित करने की कोशिश करेगा।