Tuesday, June 17, 2008
रिवर्स स्विप तो खेल का हिस्सा
इंग्लैंड के विस्फोटक बल्लेबाज केविन पीटरसन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान उनके जबर्दस्त रिवर्स शॉट पर मचे कोहराम को खारिज करते हुए कहा है कि खोज तो खेल का हिस्सा है।पीटरसन के अनुसार रिवर्स स्विप तो खेल का हिस्सा है। हालाँकि मैं भाग्यशाली रहा कि गेंद को सीमा रेखा से ऊपर पहुँचाने में कामयाब रहा। मैं हर कोई नई-नई चीज देखना चाहता हूँ। किसी ने भी इससे पहले कभी ऐसा शॉट नहीं देखा होगा। सबने पहले पहल ऐसा शॉट देखा। लोगों ने भी इसकी तारीफ की। इस चीज की आलोचना भला किस बात की?27 वर्षीय पीटरसन ने कहा कि वह शॉट कोई एकाएक नहीं खेला गया था कि बल्कि मैंने इसे सोच समझकर मारा था। मैंने इसके लिए अभ्यास किया था। मैंने इसकी कल्पना की थी। मैं नेट में इसका अभ्यास करता था। इस तरह के अजीबो-गरीब शॉट खेलने के बारे में पूछने पर पीटरसन ने कहा कि ऐसा आप इसलिए खेलते हैं कि इससे आपको बाउंड्री मिलती है और ऐसे मैचों में एक बांउड्री भी नक्शा बदल सकता है, इसलिए मैंने फील्डर के ऊपर से यह शॉट खेलने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि आप भले ही इसको कोई नाम दे सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक बाएँ हाथ का स्विप शॉट था। यह मेरा दिन था और मैंने ऐसा शॉट खेला। हो सकता है किसी दूसरे दिन मैं ऐसा शॉट खेल ही न पाऊँ। गौरतलब है कि पीटरसन ने इस मैच में तेज गेंदबाज स्कॉट स्टायिरस की गेंद पर इतनी ताकत के साथ रिवर्स शॉट खेला था कि गेंद सीमा रेखा के उपर से निकल गई थी। बाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस शॉट की वैधानिकता पर सवाल खड़े किए और इसकी जाँच शुरू कर दी।
Monday, June 16, 2008
लालूजी सिनेमा के पर्दे पर छा जाने को बेकरार
सियासत की खुरदुरी जमीन पर पहले ही अपना जलवा दिखा चुके रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव अब सिनेमा के पर्दे पर छा जाने को बेकरार हैं। रुपहले पर्दे पर चमकने की हसरत इस वक्त लालू यादव को बेचैन कर रही है। यही वजह है कि लालू यादव ने बॉलिवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान या ड्रीम गर्ल हेमामालिनी के साथ 70 एमएम की स्क्रीन शेयर करने की तमन्ना जाहिर की है। लालू ने हाल ही में शाहरुख खान के मशहूर शो ' क्या आप पांचवीं पास से तेज हैं ?' में हिस्सा लिया था। अपनी वाक् पटुता के लिए मशहूर रेलमंत्री लालूप्रसाद यादव की चुटीली टिप्पणियां अब उनके ब्लॉग पर भी पढ़ी और सुनी जा सकती है। www.mypopcorn.com ने लालू के साथ मिलकर उनका ब्लॉग शुरू किया है , जिसमें उनकी कही हुई बातों को पेश किया जा रहा है। लालू अपने ब्लॉग पर कहते हैं कि मैने शाहरुख को कहा है कि जहां उन्हें ऐक्टिंग के लिए नेताओं की जरूरत पड़े तो हम कर सकते हैं। लालू ने हेमा मालिनी से भी फिल्म में रोल मांगा है। उन्होंने कहा कि मैने हेमाजी को भी कहा था कि जब आप कोई फिल्म बनाएं तो हमको भी रोल दो। लेकिन ऐसी फिल्म बनाना , जिसमें हम खप सकें . हमने मजाकिया लहजे में कहा था और वो बोली कि ठीक है। हेमाजी जैसे पुराने कलाकार अच्छे हैं।
Sunday, June 15, 2008
शीर्षक्रम की नाकामी से हारे : धोनी
भारतीय कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने त्रिकोणीय एक दिवसीय क्रिकेट श्रृंखला के फाइनल में पाकिस्तान के हाथों 25 रन से मिली हार के लिए शीर्षक्रम की नाकामी को कसूरवार ठहराते हुए स्वीकार किया कि उनसे भी रणनीति बनाने में चूक हुई। धोनी ने कहा कि यदि उनका शीर्षक्रम समझदारी से बल्लेबाजी करता तो 316 रन का लक्ष्य ज्यादा मुश्किल नहीं था। धोनी के अनुसार हमने नियमित अंतराल पर विकेट गँवाए। आखिरी पाँच-सात ओवर में विकेट पास होना बहुत जरूरी है। विकेट एकदम सपाट था। धोनी ने कहा विकेट पास में हो तो 300 रन भी बनाए जा सकते हैं। पाकिस्तान के 25 ओवर में एक विकेट पर 100 रन थे, लेकिन बाद में उन्होंने हमारे गेंदबाजों की धुनाई की। पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने कुछ अच्छे शॉट खेले, जिससे हमारे गेंदबाज दबाव में आ गए। हमें अच्छी शुरूआत भी नहीं मिल सकी। धोनी ने स्वीकार किया कि अपनी जगह सुरेश रैना को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजने का फैसला गलत था, लेकिन अकेले इसी को हार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।उन्होंने कहा कि यह एक गलती थी। मुझे रैना से पहले उतरना चाहिए था। वह फैसला सकारात्मक सोच के साथ लिया गया था। यदि युवराज एक छोर संभाल लेते और रैना स्ट्राइक रोटेट करते रहते तो बात बन सकती थी। धोनी ने कहा कि उससे हम सुरक्षित हालात में होते। 40वें ओवर के बाद मैं इरफान और बाकी बल्लेबाज उतरते तो लक्ष्य आसान हो जाता, लेकिन हमारे विकेट लगातार गिरते रहे और हमें रनगति बढाने का मौका ही नहीं मिल पाया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सलमान बट और यूनिस खान जब बल्लेबाजी कर रहे थे, तब फील्डिंग का जमावड़ा बेहतर हो सकता था। बट स्क्वेयर लेग क्षेत्र में रन बना रहे थे। उन्होंने ऑफ स्टम्प से बाहर जाती गेंदों पर भी चौके जड़े और हमारे गेंदबाजों पर दबाव बनाया। धोनी ने कहा कि पाकिस्तान ने फील्ड का फायदा उठाया, जबकि भारतीयों ने उस समय गैर जिम्मेदाराना शॉट खेले जब संयम बरतने की जरूरत थी।उन्होंने कहा कई बार तो उनके फील्डरों को कैच लपकने के लिए हिलना भी नहीं पड़ा। हमारे बल्लेबाजों के शॉट्स का चयन गलत था, लेकिन जब प्रति ओवर छह से अधिक रन बनाने हो तो ऐसा होता है। पाकिस्तान के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा उनके 25 ओवर में एक विकेट पर 100 रन थे और बाद के 25 ओवरों में उन्होंने 215 रन बना डाले। वे मैच दर मैच सीख रहे हैं। हमने कुछ मैच जीते और कुछ हारे। हरफनमौला यूसुफ पठान को ऊपरी क्रम में भेजने के फैसले को सही ठहराते हुए धोनी ने स्वीकार किया कि अपनी पहली श्रृंखला में यह युवा खिलाड़ी इतना दबाव झेलने के लिये तैयार नहीं था। धोनी ने कहा कि यूसुफ गेंदबाजों की बखिया उधेड़ने में माहिर हैं। वह आखिरी सात ओवरों का पूरा फायदा उठा सकते हैं। यदि वह आउट भी होते हैं तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ता और यदि वह चल जाते हैं तो टीम को मदद मिलती है। आखिरी सात ओवर का फायदा उठाने के लिए ही उन्हें चौथे नंबर पर भेजा गया था। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तानी कप्तान शोएब मलिक ने बट और यूनिस की जमकर तारीफ की। भारत के हाथों लीग चरण में टीम की शर्मनाक हार के बाद पीसीबी प्रमुख नसीम अशरफ ने ई-मेल के जरिये खिलाड़ियों को जमकर लताड़ा था, लिहाजा उन पर अच्छे प्रदर्शन का दबाव था।
श्री मल्लिकार्जुन स्वामी कुंडोत्सव मनाया
दाईं ओर से वनपालक की भूमिका में मल्लू, हनुमानजी की भूमिका में नरसिम्हा (चेन्नामलया) एवं दूसरे वनपालक की भूमिका में मलेश।मैसूर जिले के टीकनरसीपुर तालुक के तडकाड ग्राम में चौदह वर्षों में एक बार श्री मल्लिकार्जुन स्वामी कुंडोत्सव मनाया जाता है। जिसमें स्थानीय निवासी श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लेते हैं। गांव में स्थित मल्लिकार्जुन स्वामी के प्राचीन मंदिर का हाल ही में जीर्णोद्धार हुआ है। जिसमें सम्पूर्ण रामायण पौराणिक एक नाटक का मंचन हुआ। देर शाम शुरू हुआ नाटक आठ घंटे तक चला जिसमें संपूर्ण रामायाण को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया।
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