Friday, October 17, 2008

सचिन-सौरव की धुन मोहाली में


भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में खेले जा रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल खत्म हो गया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली मेजबान टीम ने गौतम गंभीर (67), सचिन तेंदुलकर (88) और सौरव गांगुली (नाबाद 54 रनों) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत पांच विकेट के नुकसान पर 311 रन बना लिये हैं।खेल खत्म होने के समय गांगुली 54 और रात्रिप्रहरी (नाइटवॉचमैन) के तौर पर बल्लेबाजी के लिए भेजे गए ईशांत शर्मा दो रनों पर नाबाद थे।ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिशेल जॉनसन ने सर्वाधिक तीन, ब्रैट ली और अपना पहला मैच खेल रहे तेज गेंदबाज पीटर सिडल ने एक-एक विकेट सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के साथ मोहाली में खेले जा रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच के पहले दिन अर्शशतक ठोंकते हुए सौरव गांगुली के साथ मिलकर भारत के कुल स्कोर ढाई सौ रनों के पार पहुंचा दिया है। गांगुली भी अर्धशतक के करीब पहुंच गए हैं।इस समय सचिन 88 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 61 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं, वहीं गांगुली 91 गेंदों में चार चौकों की मदद से 47 रन बनाकर सचिन का साथ निभा रहे हैं। भारत ने अबतक चार विकेट के नुकसान पर 269 रन बना लिये हैं। सचिन के लिए यह मैच बहुत खास है, पहले उन्होंने ब्रायन लारा के सर्वाधिक टेस्ट रनों का रिकॉर्ड तोड़ा, फिर अपना अर्धशतक पूरा किया इसके बाद अपनी पारी का 61 वां रन लेते हुए टेस्ट क्रिकेट में 12 हजार रन बनाने का आंकड़ा छू लिया।दूसरी ओर सौरव गांगुली ने भी अपने टेस्ट जीवन के 7,000 रन पूरे किए। सचिन टेस्ट के सरताज बने-
सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में वेस्ट इंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा के सर्वाधिक 11,953 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया है। उन्हें इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए आज 15 रनों की जरूरत थी चायकाल के बाद जैसे ही खेल शुरु हुआ उन्होंने अपनी पारी का 15वां और भारतीय पारी का 176वां रन लेते हुए रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
सचिन ने यह उपलब्धि 152वें टेस्ट मैच में हासिल की है। इस दौरान उन्होंने 247 पारियां खेलते 54.23 के बेहतरीन औसत की मदद से 39 शतक और 49 अर्धशतक लगाए।अभी तक भारत ने चार विकेट के नुकसान पर 193 रन बना लिये हैं, सचिन 27 गेंदों में 19 और सौरव गांगुली 33 गेंदों में 15 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। इससे पहले भारत का चौथा विकेट वीवीएस लक्ष्मण के रूप में गिरा, वह 12 रन के निजी स्कोर पर जॉनसन का मैच का तीसरा शिकार बने। भारत को लगा दोहरा झटका-
राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर के लगातार दो गेंदों पर आउट होने से भारत को जोरदार झटका लगा है। मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पहले क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन के दूसरे सत्र में भारत ने अब तक तीन विकेट के नुकसान पर 148 रन बना लिये हैं।
विश्व रिकॉर्ड बनाने की दहलीज पर खड़े सचिन तेंदुलकर बिना खाता खोले वीवीएस लक्ष्मण के साथ क्रीज पर मौजूद हैं। वेस्ट इंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा के सर्वाधिक 11, 953 टेस्ट रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए सचिन को सिर्फ 15 रनों की जरूरत है। इससे पहले भोजनकाल तक एक विकेट खोकर 104 रन बनाने वाली भारतीय टीम की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही थी। लेकिन द्रविड़ 39 रनों के निजी स्कोर पर ब्रेट ली की गेंद पर बोल्ड हो गए, मेजबान टीम इस झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि इसके तुरंत बाद गंभीर भी मिशेल जॉनसन की गेंद पर विकेट के पीछे आउट हो गए। उन्होंने 140 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौकों की मदद से 67 रनों की पारी खेली।

Monday, October 13, 2008

पहला टेस्ट ड्रॉ

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जा रहा पहला क्रिकेट टेस्ट मैच हार-जीत के फैसले के बगैर खत्म हो गया है। आज पांचवें और आखिरी दिन भारत को जीत के लिए 299 रनों की जरूरत थी लेकिन वह चार विकेट के नुकसान पर सिर्फ 177 रन ही बना सका। चायकाल के बाद खराब रोशनी के कारण मैच को दो बार रोकना पड़ा। आखिरकार दोनों कप्तानों ने मैच ड्रा करने पर अंपायरों को अपनी सहमति दे दी। मैच समाप्ति के समय वीवीएस लक्ष्मण 42 और सौरव गांगुली 26 रन बनाकर क्रीज पर थे। गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने वाले जहीर खान को ‘मैन ऑफ द मैच’ का पुरस्कार दिया गया। भारत की ओर से इस मैच की पहली पारी में जहीर ने सर्वाधिक 57 रनों की नाबाद पारी खेलते हुए पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में एक विकेट लिया था।। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्रैट ली, स्टुअर्ट क्लार्क, मिशेल जॉनसन और कैमरुन व्हाइट ने एक-एक विकेट लिया। वहीं भारत की दूसरी पारी में सचिन तेंदुलकर 49 रन बनाकर सर्वोच्च स्कोरर रहे। चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला का अगला मैच 17 अक्टूबर से मोहाली में खेला जाएगा। सचिन रिकॉर्ड बनाने से चूके- सचिन तेंदुलकर (49) के आउट होने से बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के आखिरी दिन के आखिरी सत्र में भारत की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए 299 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने सचिन के रूप में अपना अहम विकेट चायकाल के तुरंत बाद गंवा दिया। अब भारत का स्कोर चार विकेट के नुकसान पर 144 रन बना हो गए हैं और उसे मैच जीतने के लिए अभी 155 रनों की और जरूरत हैं और उसके छह विकेट शेष हैं। वीवीएस लक्ष्मण 34 और सौरव गांगुली छह रन बनाकर क्रीज पर हैं। दिन का खेल खत्म होने में अभी 28 ओवर बाकी हैं।सचिन न केवल अपने 49वें अर्धशतक से सिर्फ एक रन से चूके बल्कि टेस्ट क्रिकेट में ब्रायन लारा के सर्वाधिक 11,953 टेस्ट रनों का रिकॉर्ड तोड़ने से भी 16 रन से दूर रह गए। अपनी इस पारी में 126 गेंदों का सामना करते हुए चार चौकों की मदद से 49 रन बनाये। स्पिनर कमरुन व्हाइट में उन्हें माइकल क्लार्क के हाथों कवर पर कैच करवाया। सचिन और लक्ष्मण के बीच चौथे विकेट के लिए 61 रनों की अहम साझेदारी हुई।वीरेंद्र सेहवाग और राहुल द्रविड़ के जल्दी-जल्दी आउट होने के बाद मुश्किल में फंसी भारतीय पारी लड़खड़ाती नजर आ रही है।

Sunday, October 12, 2008

आस्ट्रेलिया मजबूत

भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद आस्ट्रेलिया पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन 263 रन की बढ़त लेने में सफल हो गया है। दिन का खेल समाप्त होने तक आस्ट्रेलिया ने पांच विकेट खोकर 193 रन बना लिए थे। शेन वाटसन 32 और ब्रैड हैडिन 28 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
बल्लेबाजी के जौहर से आस्ट्रेलिया की नाक में दम करने वाले जहीर खान ने भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। पहली पारी में शून्य पर आउट होने वाले मैथ्यू हेडन को उन्होंने पगबाधा आउट कर दिया। हेडन सिर्फ 13 रन बना सके। क्रीज पर आए शतकवीर रिकी पोंटिंग ने सकारात्मक अंदाज में अपनी पारी की शुरुआत की लेकिन वह जल्द ही पवेलियन लौट गए। उनको ईशांत शर्मा ने अपने जाल में फंसाकर वीवीएस लक्ष्मण के हाथों कैच कराया। वह सिर्फ 17 रनों का योगदान दे सके।
साइमन काटिच और माइक हसी ने तीसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी करके भारतीयों को सफलता से दूर रखा। इस साझेदारी को हरभजन सिंह ने तोड़ा। उन्होंने काटिच को वीवीएस लक्ष्मण के हाथों कैच कराया। काटिच ने 34 रन की पारी खेली। क्रीज पर आए नए बल्लेबाज माइकल क्लार्क अभी आंखें भी नहीं जमा पाए थे कि ईशांत शर्मा ने उन्हें पवेलियन की राह दिखा दी। क्लार्क ने वीरेंद्र सहवाग के हाथों लपके जाने से पहले सिर्फ 6 रन बनाए। पहली पारी में शतक जमाने वाले माइक हसी भी 31 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हसी को हरभजन ने खूबसूरत तरीके से बोल्ड किया। ईशांत शर्मा और हरभजन ने दो-दो विकेट हासिल किए जबकि जहीर ने एक बल्लेबाज को पवेलियन की राह दिखाई।
इससे पहले पुछल्लों बल्लेबाजों के साहसिक प्रयास की बदौलत भारत ने आस्ट्रेलिया को बड़ी बढ़त हासिल नहीं करने दी। आस्ट्रेलिया के 430 रन के जवाब में भारत की पूरी टीम ने 360 रन बनाए। इस तरह आस्ट्रेलिया ने पहली पारी के आधार पर 70 रन की बढ़त हासिल की। भारत की ओर से जहीर खान ने नाबाद रहते हुए सर्वाधिक 57 रन बनाए।
एक समय विशाल बढ़त हासिल करने की ओर बढ़ते दिख रहे आस्ट्रेलिया के मंसूबों पर भारत के पुछल्ले बल्लेबाजों ने पलीता लगा दिया। तीसरे दिन हरभजन ने कंगारूओं को परेशान किया तो चौथा दिन जहीर खान के नाम रहा। जहीर खान ने तीसरे दिन के नाबाद स्कोर 35 रन से आगे खेलते हुए बेहतरीन अर्धशतक जमाया। उन्होंने 106 गेंदों पर सात चौकों की मदद से पचासा ठोंका। उनके इस प्रयास से ही भारत 350 से आगे बढ़ने में सफल रहा।
जहीर ने पहले अनिल कुंबले के साथ 31 और फिर आखिरी विकेट के लिए ईशांत शर्मा के 17 रन की छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां की। भारत को चौथे दिन का पहला झटका कुंबले [5] के रूप में लगा। उनको शेन वाटसन ने पगबाधा आउट किया। भारत का आखिरी विकेट ईशांत [6] के रूप में गिरा। उनको क्लार्क ने बोल्ड किया। इससे पहले भारतीय पारी में हरभजन 54, राहुल द्रविड़ 51, सौरव गांगुली 47 और वीरेंद्र सहवाग ने 45 रन का योगदान दिया था।

Friday, October 10, 2008

भारत की अच्छी शुरुआत

बेंगलुरु। अपने समग्र खेल के लिए “मिस्टर क्रिकेट” कहे जाने वाले माइक हसी के बेहतरीन शतक (146 रन) की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने पहले क्रिकेट टेस्ट के दूसरे दिन आज यहां पहली पारी में अच्छा स्कोर खड़ा कर लिया, लेकिन भारतीय सलामी जोडी ने भी मेहमानों को मुंहतोड जवाब देने की आधारशिला तैयार कर दी है।
भारत ने बारिश की वजह से नौ ओवर पहले ही दिन का खेल रोके जाने तक, बिना किसी नुकसान के 68 रन बना लिये थे। उस समय आक्रामक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग 55 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 43 रन, और गौतम गंभीर 20 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी चायकाल के विश्राम के बाद 430 रन पर समाप्त हो गयी। इसमें भारतीय तेज गेंदबाजों जहीर खान और इशांत शर्मा की जोड़ी का अहम योगदान रहा जिन्होंने क्रमशः पांच और चार विकेट लिये।ऑस्ट्रेलिया की तरफ से बाएं हाथ के आकर्षक बल्लेबाज हसी ने सबसे अहम पारी खेली। कल 46 रन बनाकर खेल रहे हसी ने आज पहले ब्रैड हैडिन और फिर ब्रेट ली के साथ दो महत्वपूर्ण साझेदारियां करते हुये ऑस्ट्रेलिया को 400 के पार पहुंचा दिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जमीन पर अपना पहला और कुल नौंवा शतक भी बनाया।चायकाल के समय ऑस्ट्रेलियाई पारी 450 के स्कोर की तरफ बढती हुई दिख रही थी लेकिन जहीर ने एक घातक स्पेल में उसके अंतिम तीन विकेट महज नौ रन के अंतराल पर लेकर कंगारूओं को 430 रन पर ही रोक दिया।जहीर ने 5.5 ओवरों के इस स्पेल में 15 रन पर तीन विकेट झटकते हुये मेहमानों की पारी समेट दी। उन्होंने इस स्पेल में ली (27 रन) मिशेल जानसन (01) और हसी (146) को पैवेलियन का रास्ता दिखाया। वैसे उन्होंने पारी में 9।1रन देकर कुल पांच विकेट हासिल किये।लेकिन आज के खेल में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी 20 साल के लंबे कद के गेंदबाज इशांत ने की। उन्होंने सुबह के तीसरे ओवर में ही शेन वाटसन (02 रन) को एक खूबसूरत गेंद पर बोल्ड करके भारत को पांचवी सफलता दिलायी।मगर इसके बाद हसी और विकेटकीपर बल्लेबाज हैडिन.33. ने छठे विकेट के लिए 91 रन जोडकर ऑस्ट्रेलिया को 350 तक पहुंचा दिया। लेकिन लंच के थोडी देर बाद हैडिन इशांत की एक स्लोअर गेंद पर गच्चा खा गये और मिड आन पर खडे वीवीएस लक्ष्मण ने सिर के ऊपर उनका शानदार कैच लपक लिया।इसके थोडी ही देर बाद इशांत ने अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे कैमरून व्हाइट (06) को भी कैच आउट कराते हुये अपनी चौथी कामयाबी हासिल कर ली।इशांत को चिन्नास्वामी स्टेडियम कुछ अधिक ही रास आता है और उन्होंने 30 ओवरों में 77 रन पर चार महत्वपूर्ण विकेट लेकर इसे बात को एक बार फिर साबित कर दिया। उन्होंने पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ भी यहां पर 118 रन देकर पांच विकेट झटके थे।भारत को इस मैच में अपने स्पिनरों से काफी उम्मीदें हैं लेकिन पहली पारी में तो उनका जादू नहीं चल पाया। कप्तान अनिल कुंबले 43 ओवरों में 129 रन खर्च करने के बावजूद एक भी कामयाबी नहीं हासिल कर सके जबकि आफ स्पिनर हरभजन सिंह को एक विकेट के लिए 103 रन लुटाने पडे।बहरहाल भारतीय ओपनरों ने ऑस्ट्रेलिया के तूफानी गेंदबाज ब्रेट ली और लगातार सटीक गेंदबाजी करने में माहिर स्टुअर्ट क्लार्क का बखूबी सामना करते हुये टीम इंडिया को शानदार शुरूआत दिला दी। तीसरे सीमर मिशेल जानसन का तो इन दोनों ओपनरों ने दिल खोलकर स्वागत किया।खास तौर पर सहवाग अपने चिर- परिचित अंदाज में कुछ अधिक ही निर्मम दिखे। उन्होंने मैदान के चारों ओर सात चौके जमाकर कंगारूओं को यह एहसास करा दिया कि उनके लिए आने वाला कल काफी मुश्किल हो सकता है।